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नई दिल्ली। नई दिल्ली।। बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल के संस्थापक और जाने-माने बिजनेसमैन शिव रतन अग्रवाल शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार को चेन्नई में निधन हो गया। 75 वर्षीय अग्रवाल ने एक क्षेत्रीय नमकीन व्यवसाय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में जो भूमिका निभाई, वह व्यापार जगत के लिए एक मिसाल है।

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार शिव रतन अग्रवाल पिछले कुछ समय से चेन्नई में थे। उनकी पत्नी का हाल ही में बायपास सर्जरी हुआ था और वह उनकी देखभाल के लिए वहां रुके हुए थे। डॉक्टरों ने उन्हें भी आराम करने की सलाह दी थी। गुरुवार को अचानक उन्हें बेचैनी महसूस हुई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में चेन्नई के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

हल्दीराम के पोते ने खड़ा किया बिकाजी का साम्राज्य
शिव रतन अग्रवाल का जन्म उस प्रतिष्ठित अग्रवाल परिवार में हुआ था जिसने हल्दीराम की नींव रखी थी। वह गंगाबिशन हल्दीराम भुजियावाला के पोते थे। उनके भाइयों ने परिवार के पुश्तैनी कारोबार को आगे बढ़ाया, लेकिन शिव रतन ने अपनी एक अलग पहचान बनाने का निर्णय लिया। वर्ष 1986 में उन्होंने शिवदीप प्रोडक्ट्स के साथ अपनी स्वतंत्र यात्रा शुरू की। इसके बाद वर्ष 1993 में उन्होंने बिकाजी ब्रांड लॉन्च किया। इसका नाम बीकानेर के संस्थापक राव बीका के नाम पर रखा गया था।

उनका मुख्य उद्देश्य बीकानेर के पारंपरिक स्वाद, विशेषकर वहां की भुजिया को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना था। आज बिकाजी न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी एक जाना-माना नाम है। बिकाजी भुजिया, नमकीन, मिठाइयों और रेडी-टू-ईट उत्पादों के लिए मशहूर है।
 


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