देहरादून । उत्तराखंड में एक जुलाई से अल्पसंख्यक शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को समाप्त कर उसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के माध्यम से अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों के संचालन और मान्यता की नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।
उत्तराखंड शासन के एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय के अंतर्गत उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को 01 जुलाई से विधिवत रूप से समाप्त किया जा रहा है। इसके स्थान पर उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण को समस्त अधिकार एवं दायित्व सौंपे जा रहे हैं। राज्य में वर्तमान में 452 पंजीकृत मदरसे संचालित हैं। नई व्यवस्था के अनुसार इन संस्थानों को पहले उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता प्राप्त करनी होगी और उसके बाद अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता लेनी होगी।
नियमावली के तहत मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी समुदायों को अल्पसंख्यक समुदाय के रूप में मान्यता दी गई है। संस्थानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और भूमि, वित्तीय स्थिति, स्टाफ की योग्यता और सामाजिक सौहार्द संबंधी मानकों को पूरा करना होगा। मान्यता तीन शैक्षणिक वर्षों के लिए वैध होगी। (हि.स.)
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