- सोनल पाण्डेय
लखनऊ। मूसलाधार बारिश ने लखनऊ के आशियाना क्षेत्र में रहने वाले श्याम किशोर के जीवन का रंग बदरंग कर दिया, घर में घुसे पानी के कारण लाखों का नुकसान हो गया, बुधवार को देर रात से ही हो रही बारिश के कारण तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामान खराब हो गए।
यह समस्या केवल श्याम किशोर के घर की नही है, बल्कि दिल्ली हो, महाराष्ट्र हो, बिहार हो या बंगाल पूरे भारत में मूसलाधार बारिश के कारण जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उत्तर प्रदेश और लखनऊ भी इससे खासा प्रभावित दिखा, सरकार द्वारा भी कई बचाव व राहत कार्य किये जा रहे हैं।
वहीँ जलभराव की समस्या से जनता को निदान दिलाने के लिए विधायक राजेश्वर सिंह द्वारा अनोखी पहल देखने को मिली, बुधवार को डॉ. राजेश्वर सिंह के मार्गदर्शन में दर्जन भर से अधिक टीमें व उनके कार्यालय के सदस्यों ने ग्राउंड जीरो पर जाकर पूरे सरोजनीनगर में जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
अलग-अलग हिस्सों में जाकर टीम स्थिति की गंभीरता से अवगत हुई, कई जगहों पर गहरे पानी में उतरकर टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और समस्या से तत्काल निदान दिलाने का प्रयास किया। विधायक के निर्देशानुसार टीम द्वारा जल निगम, नगर निगम व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर क्षेत्र में जलभराव व वर्षा के कारण उत्पन्न अन्य समस्याओं से तत्काल निदान दिलाने के लिए भरसक प्रयास किये गए।
विधायक राजेश्वर सिंह की लाख कोशिशों के बाद भी सरोजनीनगर में जलभराव की समस्या का पूरी तरह समाधान नही हो पा रहा, कारण जलभराव से मुक्ति तो सभी को चाहिए लेकिन कोई इसके लिए आगे नही आना चाहता।
हमने जब इन कारणों की पड़ताल की तो देखा लाख प्रयासों के बाद भी लोगों ने अपने घरों के बाहर नाले-नालियों पर बनें रैम्प नही हटाए जिनके कारण उन नालियों में जमा कचरा नही हटाया जा सका जो ब्लॉकेज का सबसे बड़ा कारण बन रहा है।
सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र में जलनिकासी का मुख्य तंत्र किला मोहम्मदी ड्रेन है, जिसकी रिमॉडलिंग, सफाई हेतु सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रत्येक स्तर पर प्रयास किये, बरसात से पहले विभिन्न विभागों की सामंजस्य बैठक में किला मोहम्मदी ड्रेन की सफाई की रूप रेखा भी तैयार हुई लेकिन उस पर व्याप्त अतिक्रमण को हटाया जाना एक बड़ी चुनौती थी, अतिक्रमण हटाया नही जा सका और किला मोहम्मदी ड्रेन की समुचित सफाई नही हो पाई, किला मोहम्मदी ड्रेन पर 4 से 12 मीटर तक अतिक्रमणकारियों का कब्जा है।
बरसात के समय केवल प्रशासन ही नही जलभराव से जूझने वाली जनता को भी कमर कसनी पड़ती है, अगर जनता ही नालियों पर अतिक्रमण रखेगी, कूड़ा-कचरा नालियों में फेंकेगी, प्लास्टिक वेस्ट को नालियों में फेंकेगी तो जलभराव से निपटने के सारे उपायों पर इसी तरह पानी फिरता रहेगा।
इतना ही नही किला सरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र का अधिकांश क्षेत्र नवनिर्मित है जहां अधिकांश ग़ैरस्वीकृत कॉलोनियों में जलनिकासी के लिए समुचित प्रबंध भी नही किए गए हैं, लोगों ने तालाबों को या तो पाट कर अवैध कब्जा कर रखा है या उनमें कचरा भर के पाट रखा है।
सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के नगरीय इलाकों का जहां विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के लाख प्रयासों के बाद भी जलभराव की समस्या का समुचित समाधान होता नही दिख रहा है, यद्यपि वृहस्पतिवार को हुई तेज बरसात और जलभराव के बीच उनकी टीम पूरी तरह सक्रिय नजर आई, अधिकांश जलभराव वाले स्थानों पर पहुंच कर, वर्षा जल निकासी के लिए लखनऊ नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के बीच सामंजस्य स्थापित कर अस्थाई पम्पिंग सेट की व्यवस्था भी करवाया।
लेकिन इस अस्थाई व्यवस्था की नौबत ही क्यों आयी? कारण, विधायक राजेश्वर सिंह के प्रयासों को जनता और प्रशासन द्वारा पूर्ण सहयोग न मिलना, प्रशासन भी जलभराव से जुड़े कई कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण नही कर सका पिछले साल भीषण जलभराव को देखते हुए लखनऊ नगर निगम भी व्यापक तैयारियां करने में विफल रहा है।
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