गोण्डा। यूपी के गोंडा जिले की जिलाधिकारी नेहा शर्मा भ्रष्टाचारियों और लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ एक्शन मोड में हैं। जिलाधिकारी ने जनपद की कमान संभालने के साथ ही स्पष्ट कर दिया था कि भ्रष्टाचार को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन की इसी जीरो टॉलरेंस नीति का नतीजा है कि जनपद में भ्रष्टाचार के मामलों में ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में मनकापुर तहसील में प्रकाश में आए भ्रष्टाचार के एक प्रकरण में संबंधित लेखपाल अंजनी कुमार मिश्रा को निलंबित कर दिया गया। जिलाधिकारी नेहा शर्मा के समक्ष दर्ज शिकायत पर की गई जांच के बाद यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई है । कार्यालय से सम्बद्ध रहेगें एवं बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेगे।
बता दें, इसके पहले भी जिलाधिकारी के आदेश पर भ्रष्टाचार के आरोप में एक अन्य लेखपाल को निलंबित किया जा चुका है। आरोपी लेखपाल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसके बाद पतंग सामने आने पर यह कार्रवाई सुनिश्चित की गई थी।
क्या है पूरा मामला
जिलाधिकारी नेहा शर्मा की अध्यक्षता में बीते शनिवार को मनकापुर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसी दौरान मनकापुर तहसील के रानीपुर क्षेत्र के लेखपाल अंजनी कुमार मिश्रा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे। जिलाधिकारी के आदेश पर तत्काल इस प्रकरण में जांच बैठाई गई थी । शिकायतकर्ता संजय तिवारी पुत्र झिंगई प्रसाद निवासी कलेनिया के द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया गया कि आरोपी लेखपाल द्वारा उनसे कृषि आवंटन हेतु 50 हजार रुपये लिए गए। साक्ष्य के रूप में शिकायतकर्ता की तरफ से कुछ रिकॉर्डिंग भी प्रस्तुत की गई। इस सम्बन्ध में क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक मछलीगांव द्वारा जांच की गई, जांच में उपरोक्त शिकायत सत्य पायी गयी।
इंसेट
डायट प्राचार्य समेत 20 का वेतन रोका

गोण्डा । जिलाधिकारी नेहा शर्मा द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुए जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान (डायट) दर्जी कुआं के प्राचार्य समेत 20 का वेतन रोक दिया गया है। इनमें, प्रवक्ता, वैयक्तिक सहायक से लेकर प्रयोगशाला सहायत तक शामिल हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर नगर मजिस्ट्रेट द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने पर यह कार्यवाही की गई है। सभी को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
बता दें, जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में नगर मजिस्ट्रेट द्वारा सोमवार सुबह 10.15 बजे डायट दर्जी कुआं के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आशुलिपिक कक्ष, अभिलेख कक्ष, कम्प्यूटर कक्ष, स्काउट गाइड कक्ष, उप प्राचार्य कक्ष, विज्ञान स्टोर कक्षा, कार्यालय कक्ष एवं वाद कक्ष बंद पाए गए। इस दौरान उपस्थिति पंजिका की भी जांच की गई। जांच में पाया गया कि कुछ अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा बीते कई दिनों से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई थी। डायट प्राचार्य अतुल कुमार तिवारी भी इस निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी द्वारा सभी अनुपस्थित अधिकारी व कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही, सभी से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।
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