एंटरटेनमेंट डेस्क। पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' रिलीज के महज दो दिन बाद ही जी5 इंडिया से हटा दी गई है।
3 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई यह फिल्म 1990 के दशक के अशांत पंजाब में मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के संघर्ष पर आधारित है। फिल्म पहले भी विवादों में रही थी। वर्ष 2022 में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने इसमें 127 कट लगाने और शीर्षक बदलने का सुझाव दिया था।
फिल्म को पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने की योजना थी, लेकिन टोरंटो प्रीमियर और बंबई उच्च न्यायालय में कानूनी प्रक्रिया के बाद निर्माताओं ने इसे सीधे ओटीटी पर रिलीज करने का फैसला किया। फिल्म का नाम बदल दिया गया, जबकि कहानी में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसके बावजूद ज़ी5 इंडिया ने मौजूदा परिस्थितियों का हवाला देते हुए फिल्म को अपने भारतीय प्लेटफॉर्म से हटा लिया।
हालांकि 'सतलुज' अभी भी भारत के बाहर कई देशों में स्ट्रीम हो रही है। फिल्म के निर्देशक हनी त्रेहन ने कहा कि उन्हें इस फैसले की वजह स्पष्ट नहीं है। वहीं, ज़ी5 की ओर से कहा गया है कि भारतीय दर्शकों के लिए फिल्म को दोबारा उपलब्ध कराने के सभी संभावित विकल्पों पर काम किया जा रहा है
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