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लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने संभल हिंसा की न्यायिक जांच कराने का फैसला किया है। सरकार ने इसके लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई। जस्टिस (रिटायर्ड) डीके अरोड़ा के नेतृत्व में आयोग दो माह में अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपेगा।

आयोग में जस्टिस अरोड़ा के अलावा सेवानिवृत आईएएस अधिकारी अमित मोहन प्रसाद और पूर्व डीजीपी एक जैन शामिल हैं। संभल में जामा मस्जिद का सर्वे करने के लिए गई टीम के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की तरफ से क्या व्यवस्था की गई, इसकी भी जांच की जाएगी। आयोग से यह सुझाव भी मांगा गया है कि भविष्य में इस प्रकार की कोई घटना न होने पाए, इसके लिए क्या किया जा सकता है ।

उल्लेखनीय है कि 24 नवंबर को उत्तर प्रदेश के संभल जिले में जामा मस्जिद का सर्वे के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भारी संख्या में एकत्रित होकर उपद्रव किया। सर्वे टीम पर हमला किया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तक इसमें घायल हुए। कथित गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई और कई वाहन जला दिए गए।


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