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देहरादून । उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई नदियों का जलस्तर चेतावनी और खतरे के स्तर तक पहुंच गया है, जबकि भूस्खलन और मलबा आने से बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित कई राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है।

मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान तीन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।

उत्तराखंड में बुधवार देररात से गुरुवार सुबह तक लगातार मूसलाधार वर्षा जारी रही। राजधानी देहरादून सहित अधिकांश जिलों में आसमान घने काले बादलों से ढका रहा और कई स्थानों पर तेज बारिश हुई। लगातार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। 

वहीं पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों-नालों के उफान पर रहने की आशंका के बीच प्रशासन सतर्क है। मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। बारिश का दौर अभी जारी रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार अगले 24 घंटों में देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार बारिश के बीच रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे अलकनंदा का जलस्तर 627.80 मीटर तथा मंदाकिनी का जलस्तर 626.60 मीटर दर्ज किया गया, जो दोनों नदियों के निर्धारित खतरे के स्तर से ऊपर है।

प्रशासन ने नगर निकायों के माध्यम से लाउडस्पीकर से लोगों को नदी तटों से दूर रहने की लगातार चेतावनी जारी की है। जनपद में वर्षा जारी है तथा ऊखीमठ में 53.30 मिमी और जखोली में 59 मिमी वर्षा दर्ज की गई। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को किसी भी आपदा से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।  (हि. स.)


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