वाशिंगटन। काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार यूक्रेन को अमेरिका के आगे झुकना पड़ा। दोनों देशों के बीच खनिज समझौता मिनरल डील पर मुहर लग गई है। इसके बदले में अमेरिका यूक्रेन के पुनर्निर्माण में निवेश करेगा। इस डील के तहत यूक्रेन के रिडेवलपमेंट और रिकंस्ट्रक्शन के लिए एक जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड बनाया जाएगा।
ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने पुष्टि की है कि अमेरिका और यूक्रेन ने खनिज संसाधन समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए। यह समझौता, दोनों देशों के बीच खनिज संसाधन समझौते के समन्वय में अमेरिका और यूक्रेन के बीच एक निवेश कोष स्थापित करेगा।
एबीसी न्यूज की खबर के अनुसार, यह समझौता अमेरिका को यूक्रेनी दुर्लभ पृथ्वी खनिजों पर अधिकार देता है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने विज्ञप्ति में कहा कि यह समझौता रूस को स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन लंबे समय तक एक स्वतंत्र, संप्रभु और समृद्ध यूक्रेन पर केंद्रित शांति प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी लोगों और यूक्रेनी लोगों के बीच इस साझेदारी की कल्पना की। इसके अलावा बेसेंट ने एक्स पोस्ट भी इस समझौते की चर्चा की है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की फरवरी के अंत में खनिज सौदे पर हस्ताक्षर करने वाले थे। ओवल ऑफिस में दोनों के बीच तनावपूर्ण बातचीत के बाद यह योजना पटरी से उतर गई थी।
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