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लखनऊ। फाइलेरिया उन्मूलन (filariasis eradication) के लिए निर्णायक होने जा रहे सर्वजन दवा सेवन (MDA) अभियान की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से अभियान का शुभारंभ किया। 

इस मौके पर उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य राज्यमंत्री मयंकेशवर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित घोष, स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक डॉ. पिंकी जोवेल समेत प्रदेश के 21 जिलों के जिलाधिकारी जुड़े। प्रदेश के 21 जिलों के 64 ब्लॉक में इस बार एमडीए चलाया जाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने फाइलेरिया उन्मूलन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह बीमारी भारत में एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। यह रोगी को शारीरिक रूप से अक्षम करने के साथ ही उसके पूरे परिवार पर भी सामाजिक और आर्थिक बोझ डालती है। इसलिए सामूहिक प्रयासों से इसे जन आन्दोलन का रूप देना आवश्यक है। जब तक हर पात्र व्यक्ति दवा का सेवन नहीं करेगा, तब तक हम इस बीमारी को समाप्त नहीं कर सकते।

उन्होंने बताया कि यह अभियान उत्तर प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों के 124 जिलों में चलाया जएगा। सभी सरकारी व निजी अस्पतालों में बूथ लगाए जाने चाहिए। इस मौके पर विधान भवन, लखनऊ में उपस्थित उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश सरकार फाइलेरिया मुक्त राज्य के लक्ष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

28 फरवरी तक चलने वाले इस अभियान के दौरान आशा व अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर 1 करोड़ 40 लाख लोगों को अपने सामने फाइलेरिया-रोधी दवा खिलाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य 90 प्रतिशत से अधिक पात्र आबादी को दवा का सेवन कराकर फाइलेरिया के संक्रमण की कड़ी को तोड़ना है। अभियान का मुख्य संदेश है — हमारा संकल्प – फाइलेरिया से मुक्ति।”

इन जिलों में चलेगा अभियान 
अभियान में सबसे ज्यादा शाहजहांपुर के 13 ब्लाक हैं। इसके बाद बलिया के 12, बाराबंकी के सात, उन्नाव व चित्रकूट के चार-चार ब्लाक में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा प्रतापगढ़ में तीन, हरदोई, प्रयागराज, सोनभद्र, कौशांबी, अयोध्या व भदोही में दो-दो ब्लाक में एमडीए अभियान चलाया जाएगा। लखनऊ के माल ब्लाक समेत रायबरेली, अंबेडकरनगर, खीरी, पीलीभीत, औरेया, बांदा, फतेहपुर व बहराइच में सिर्फ एक-एक ब्लाक में फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी।

 


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