दमिश्क। सीरिया में विद्रोही गुटों ने राजधानी दमिश्क पर कब्जा जमा लिया है। सीरिया में 27 नवंबर को विद्रोही गुटों और सेना के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। विद्रोही लड़ाकों ने एक-एक कर 4 शहर जीतने के बाद 8 दिसंबर को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया। इसके साथ ही सीरिया में 5 दशक से जारी असद परिवार के साम्राज्य का अंत हो गया है।
राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर रूस भाग गए हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने असद और उनके परिवार को राजीतिक शरण दी है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तानाशाही शासन के अंत का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "14 साल के क्रूर युद्ध और तानाशाही शासन के अंत के बाद सीरियाई लोगों के पास एक स्थिर और शांतिपूर्ण भविष्य बनाने का ऐतिहासिक अवसर है।"अरबी न्यूज वेबसाइट '+963' ने सीरिया के बदले घटनाक्रम पर क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया को तरजीह दी है। वेबसाइट के अनुसार, अल-कायदा समर्थित आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम और तीन विपक्षी गुटों ने रविवार भोर राजधानी राजधानी दमिश्क पर नियंत्रण कर राष्ट्रपति को देश छोड़ने पर मजबूर कर दिया।
सऊदी अरब सीरिया के नागरिकों की पसंद के साथ सऊदी अरब ने सीरियाई लोगों की सुरक्षा के लिए उठाए गए सकारात्मक कदमों पर अपनी संतुष्टि व्यक्त की। उसने जोर देकर कहा कि वह इस महत्वपूर्ण अवसर पर सीरियाई लोगों और उनकी पसंद के साथ खड़ा है। सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप किए बिना उसके साथ खड़े होने का आह्वान किया।
बेल्जियम ने कहा-अच्छा हुआबेल्जियम के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में अच्छा हुआ कि असद के अंसवैधानिक शासन का अंत हो गया। सीरिया के भविष्य के लिए एक शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया का होना महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने आग्रह किया कि सीरिया के लोगों के साथ न्याय हो।
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