नई दिल्ली। NEET-UG री-एग्जाम से पहले मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अस्थाई बैन का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। कंपनी की ओर से केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती दी गई है।
जस्टिस तेजस करिया की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच के समक्ष टेलीग्राम की ओर से पेश वकील माधव खोसला ने मेंशन करते हुए तुरंत सुनवाई की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने आज ही सुनवाई करने का आदेश दिया। टेलीग्राम ने अपनी याचिका में कहा है कि उसके 15 करोड़ यूजर्स हैं। केंद्र सरकार के इस फैसले से उनके यूजर्स को काफी परेशानी हो सकती है।
नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में टेलीग्राम ऐप के उपयोग की बात सामने आयी थी। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस ऐप को 22 जून तक अस्थायी रुप से बंद करने का आदेश जारी किया है। मंत्रालय के एक दूसरे आदेश में कहा गया है कि टेलीग्राम ऐप किसी मैसेज को एडिट करने के फीचर को 30 जून तक डिसेबल करें। टेलीग्राम ने मंत्रालय के इन्हीं आदेशों को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
वहीं टेलीग्राम CEO ने सरकार के फैसले की आलोचना करते की है। उन्होंने कहा है कि इस फैसले से भारत के 15 करोड़ से ज्यादा टेलीग्राम यूजर्स को सजा मिली है, न कि उन लोगों को जिन्होंने पेपर लीक की थी। इस बैन से कुछ भी नहीं रुकेगा। लीक करने वाले दूसरे एप्स पर शिफ्ट हो जाएंगे।




