वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान में चल रही बातचीत के दौरान इजराइल ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ को मारने की साजिश रच रहा था। कुछ अन्य देशों से ईरान को संभावित खतरे के बारे में आगाह करने को कहा था।
यह दावा अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों को डर था कि अगर दोनों वार्ताकारों की हत्या हुई तो युद्धविराम और शांति प्रक्रिया टूट जाएगी। उस समय ट्रंप प्रशासन होर्मुज स्ट्रेट खोलने और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर समझौते की कोशिश कर रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में होने वाली एक बैठक से पहले भी ईरान को हमले का खतरा था। इसी कारण पाकिस्तान ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के विमान को फाइटर जेट की सुरक्षा में इस्लामाबाद तक पहुंचाया। लौटते समय भी सुरक्षा अलर्ट मिलने पर विमान की मशहद में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई और डेलिगेशन सड़क के जरिए तेहरान पहुंचा।




