लखनऊ । पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति की जमानत याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दी। नाबालिग से रेप मामले में कोर्ट ने गायत्री प्रसाद को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ पूर्व मंत्री ने हाईकोर्ट में अपील की थी। इस दौरान उन्होंने जमानत पर रिहा करने की मांग की थी। गायत्री प्रसाद साढ़े सात साल से जेल में है।
न्यायमूर्ति विवेक चौधरी व न्यायमूर्ति मो. फैज आलम खान की खंडपीठ के सामने पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के साथ-साथ आशीष कुमार शुक्ला व अशोक तिवारी के जमानत की याचिका पर भी फैसला सुनाए जाने के लिए सूचीबद्ध किया गया था. आरोपियों की ओर से मामले के तथ्यों के साथ-साथ मुख्य रूप से उनके द्वारा जेल में बिताई गई अवधि को भी जमानत का आधार बताया गया था.
वहीं राज्य सरकार ने बहस के दौरान जमानत दिए जाने का विरोध किया था. इसके बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए बेंच ने जमानत याचिका खारिज कर दी. गायत्री खनन घोटाले समेत कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद हैं लेकिन उसके खिलाफ दर्ज रेप का यह मामला सबसे संगीन माना जाता है.
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