देहरादून। जोशीमठ नगर में भू-धंसाव से दरारें आने का सिलसिला फिर शुरू होने से लोगों में खौफ का माहौल हो गया है। हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। सचिवालय में बैठक शुरू हो गई है। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग और वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं।

जोशीमठ नगर दो दिन पहले यहां सिंहधार वार्ड के कुछ मकानों में हल्की दरारें आईं जबकि कुछ पुरानी दरारें और बढ़ गईं। जिससे क्रैकोमीटर भी चटक गए। वहीं अब मनोहर बाग वार्ड के खेतों में पुरानी दरारें बढ़ने लग गई हैं जिसने लोगों को चिंता में डाल दिया है।
20 जनवरी के बाद जब स्थिति थमने पर लोग उम्मीद कर रहे थे कि शायद अब भू-धंसाव रूक गया है लेकिन नई परिस्थितियों ने सभी को परेशान कर दिया है। हर दिन बढ़ रही दरारों से जोशीमठ नगर के लोग बेहद खौफजदा हैं। मनोहर बाग वार्ड और सिंहधार के घरों में बीते दिनों जो दरारें आई थी, वह दरारें एक बार फिर चौड़ी हो रही हैं। इससे लोगों में डर का माहौल है।
सिंहधार में भी लोगों के घरों में दरारें बढ़ने का सिलसिला जारी है। भू-धंसाव की मार लोगों के घरों पर ही नहीं बल्कि अब प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ने लगी है। जोशीमठ के सिंहधार वार्ड में बीते कई सालों से बहने वाले धारे का पानी एकाएक सूखने से भी लोग चिंतित हैं। जोशीमठ में प्रसाशन द्वारा जिन घरों को रहने के लिये असुरक्षित बताया गया था, उन घरों में एक बार फिर दरारों का आकार बढ़ने और कुछ नए घरों में भी दरारें आने पर चमोली के डीएम हिमांशु खुराना ने उन इलाकों का दौरा किया।
डीएम हिमांशु खुराना ने बताया कि जोशीमठ में जिन घरों में क्रैकोमीटर लगाये गए थे, उससे ज्ञात हुआ कि पुरानी दरारों का आकार बढ़ा है। साथ ही 5 नए घरों में हल्की दरारें आई हैं। लेकिन मारवाड़ी में जल रिसाव पहले से काफी कम हो गया है।
बीते दिनों प्रशासन के दावों के मुताबिक जोशीमठ नगर में आ रही दरारें थम चुकी थी। लेकिन जोशीमठ में लगातार बढ़ रही दरारों ने लोगों को एक बार फिर चिंता में डाल दिया है। दूसरी तरफ प्रभावितों के अस्थायी पुनर्वास के लिये प्रशासन की तरफ से जोशीमठ स्थित उद्यान विभाग की भूमि पर प्री फैब्रिकेटेड मॉडल हट तैयार किए जा रहे हैं। साथ ही ढाक गांव में भी प्रभावितों के लिए हट तैयार किए जा रहे हैं।
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