ओटावा। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने घोषणा की है कि कनाडा यूक्रेन को चार अतिरिक्त लेपर्ड- 2 युद्धक टैंक प्रदान करेगा। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रूडो ने शुक्रवार को कहा कि कनाडा एक बख्तरबंद वाहन और 5 हजार से अधिक राउंड गोला-बारूद भी यूक्रेन को देगा।
इसके अलावा रूसी संसद के निचले सदन के सदस्यों और मंत्रियों सहित लगभग 200 और व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाएगा। शुक्रवार को कनाडा के विदेश मामलों के मंत्री मेलानी जोली ने संघर्ष से संबंधित यौन हिंसा और रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल और परमाणु खतरों को दूर करने के लिए यूक्रेन को 32 मिलियन कनाडाई डॉलर (25.6 मिलियन डॉलर) से अधिक के मदद की घोषणा की।
जनवरी में, कनाडा की रक्षा मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि देश यूक्रेन को चार युद्धक टैंक भेजेगा। कनाडाई सशस्त्र बलों के पास वर्तमान में 82 जर्मन निर्मित लेपर्ड- 2 युद्धक टैंक हैं।
फरवरी 2022 से, कनाडा ने यूक्रेन को 5 बिलियन कनाडाई डॉल से अधिक की मदद की प्रतिबद्धता जताई।
क्या है लेपर्ड-2 टैंक
लेपर्ड टैंक को सबसे पहले साल 1970 में अमेरिका में बने M48 पैटन को हराने के लिए बनाया गया था. हालांकि ये टैंक इतना प्रभावी था कि कुछ ही सालों में यह यूरोप के साथ दुनिया के सभी देशों में फेमस हो गया. इस टैंक को बहुत सारी खूबियों के चलते ऑलराउंडर कहा जाता है.
- लेपर्ड-2 दुनिया के बेहतरीन बैटल टैंकों में से एक है. यह टैंक फायर पावर, सुरक्षा और रफ्तार के मामले में भी बेहतरीन है.
- इस टैंक का वजन 55 टन है और इसमें चार जवान बैठ सकते हैं.
- लेपर्ड-2 टैंक का रेंज लगभग 500 किलोमीटर यानी 310 मील की रेंज है, यह लगभग 68 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है.
- लेपर्ड-2 टैंक का सबसे पहला वेरिएंट साल 1979 में सर्विस में आया था. पहले टैंक की लंबाई 11 मीटर थी. अब तक इसके चार वैरिएंट आ चुके हैं.
- इस टैंक में 120 मिमी स्मूथ बोर गन लगी होती है. इसके अलावा इस टैंक में डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम भी है.
- टैंक की एक खासियत ये भी है कि इसके इस्तेमाल के दौरान अगर दुश्मन की तरफ से हमला किया जाता है, तब भी अंदर बैठे सैनिक सुरक्षित रहते हैं.
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