लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में महिला डॉक्टर को 9 दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 13.40 लाख रुपए ठग लिए गए। ठगी करने वालों ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और एनसीपी नेता नवाब मलिक मनी लॉन्ड्रिंग केस का नाम लिया। पीड़िता की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
मानक नगर स्थित चित्रगुप्त नगर निवासी डॉ. अनुरूपा राय ने पुलिस को बताया कि 26 दिसंबर को एक युवक ने खुद को ट्राई कर्मी बताकर फोन किया। उसने कहा कि दिल्ली में आपके आधार कार्ड से 14 अगस्त को एक सिम लिया गया है। जिससे लड़कियों को न्यूड वीडियो भेजे जा रहे हैं।
दिल्ली में कोई सिम न लने की बात कहने पर कहा- हम इसको वैरिफाई करेंगे। साथ ही आपके विषय में दिल्ली पुलिस जांच करेगी। उसके कुछ ही देर बाद दूसरे नंबर से वीडियो कॉल आई। जिसने खुद को सीनियर इंस्पेक्टर अनिल बताते हुए पूछताछ शुरू कर दी।
कहा- आपका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस के आरोपी नवाब मलिक से भी जुड़ रहा है। उसके घर में पड़ी रेड में आपके बैंक ऑफ बड़ौदा की पासबुक और एटीएम कार्ड मिला है। लिहाजा आपको और आपके परिवार को 45 दिन पुलिस कस्टडी में रहना होगा।
नवाब मलिक से दूर-दूर का रिश्ता न होने की बात कहने पर किसी डीसीपी नवजोत सिमी से कराई। उसने भी कई सवाल करने के बाद मोबाइल पर अरेस्ट वारंट और फ्रीजिंग ऑर्डर भेजा। उसके बाद जांच के नाम पर 27 दिसंबर से 4 जनवरी तक डिजिटल अरेस्ट रखा।
इस दौरान पैसों की जांच के नाम पर 13.40 लाख रुपए अपने बताए खातों में ट्रांसफर करा लिए। ठगी का एहसास होने पर 5 जनवरी को एक परिचित को पूरा मामला बताया। जिसके बाद उन्होंने साइबर ठगी की बात कही और पुलिस से संपर्क कर शिकायत करने की बात कही।
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