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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ बुधवार को कर्मचारी सड़क पर उतर आए। अभियंताओं और कर्मचारियों ने राजधानी लखनऊ में जोरदार प्रदर्शन किया। इसमें 10 राज्यों के 5 हजार से अधिक कर्मचारी शमिल हुए हैं। 

बिजली संगठनों के पदाधिकारियों को संभालने के लिए पांच थानों की पुलिस बुलाई गई है। कर्मचारियों का कहना है- सरकार अगर निजीकरण प्रक्रिया वापस नहीं लेती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित विरोध प्रदर्शन में जुटे कर्मचारियों और अभियंताओं ने शक्ति भवन के लिए कूच किया और रैली निकाली। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों को शक्ति भवन से पहले चौराहे पर रोका तो तीखी नोकझोंक भी हुईं।

समिति के प्रवक्ता शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि लखनऊ में निजीकरण के विरोध में कर्मचारियाें ने प्रदर्शन और रैली निकाली है। पूर्वांचल और दक्षिणांचल क्षेत्रों को निजी हाथों में देने की तैयारी की गयी है। इसके लिए कर्मचा​री, अभियंता तैयार नहीं है। इस निजीकरण के विराेध में प्रदर्शन कर अपनी मांगें प्रदेश सरकार तक पहुंचाने की प्रयास किया जा रहा है।


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