प्रयागराज। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संगम में डुबकी लगाई। स्नान के बाद पीएम ने सूर्य को अर्घ्य दिया। करीब 5 मिनट तक मंत्र का जाप करते हुए सूर्य पूजा की। संगम नोज पर गंगा पूजन किया। मां गंगा को दूध अर्पित किया, साड़ी चढ़ाई।
मोदी गंगा पूजन के बाद सीधे बोट से अरैल घाट पहुंचे। वहां से वह वापस दिल्ली के लिए रवाना हो गए। मोदी के संगम स्नान के दौरान सीएम योगी भी साथ रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना कार्यक्रम बेहद सीमित रखा। वह करीब दो घंटे प्रयागराज में रहे। उन्होंने किसी से मुलाकात नहीं की। यहां तक की दोनों डिप्टी सीएम भी बमरौली एयरपोर्ट पर ही रहे।
पीएम मोदी सुबह करीब 10.30 बजे दिल्ली से बमरौली एयरपोर्ट पहुंचा। यहां CM योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया। एयरपोर्ट से हेलिकॉप्टर से पीएम डीपीएस के हेलिपैड पहुंचे। यहां से उनका काफिला अरैल के VIP घाट पहुंचा। वहां से सीएम योगी के साथ बोट से संगम पहुंचे।
इससे पूर्व पीएम मोदी ने महाकुम्भ की शुरुआत से एक माह पूर्व 13 दिसंबर को प्रयागराज का दौरा किया था और 5500 करोड़ रुपए की 167 परियोजनाओं की सौगात दी थी। इसमें यात्री सुविधाओं के लिए रेलवे स्टेशनों के अपग्रेडेशन और डेवलपमेंट के साथ-साथ आरओबी फ्लाईओवर, सड़कों का चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सौंदर्यीकरण की प्रमुख परियोजनाएं सम्मिलित थीं।
इसके अतिरिक्त, स्थायी घाटों, रिवर फ्रंट, सीवरेज, पेयजल सुविधाओं के साथ विद्युत आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया था। यही नहीं, पीएम मोदी ने अक्षयवट कॉरिडोर, सरस्वती कूप कॉरिडोर, बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर, भारद्वाज ऋषि आश्रम कॉरिडोर, श्रृंगवेरपुर धाम कॉरिडोर का भी शुभारंभ किया था। इन परियोजनाओं और कॉरिडोर के शुभारंभ का उद्देश्य न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए महाकुम्भ के अनुभव को यादगार बनाना था, बल्कि तीर्थराज प्रयागराज को प्रगति की नई दिशा दिखाना भी था।
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