वॉशिंगटन। भारतीय मूल के कश्यप काश पटेल, अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर बन गए है। अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। गुरुवार को वोटिंग के दौरान उन्हें 51-49 के मामूली बहुमत से पद के लिए चुना गया।

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों के अलावा पटेल के विरोध में दो रिपब्लिकन सांसद सुसान कॉलिन्स और लिसा मर्कोव्स्की दोमात्र ने भी वोट किया। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों को इस बात का डर है कि काश पटेल पद संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प के आदेशों का पालन करेंगे और उनके विरोधियों को निशाना बनाएंगे। मंजूरी मिलने के बाद पटेल ने राष्ट्रपति ट्रम्प और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
काश पटेल को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों में गिना जाता है। उनके नामांकन को लेकर सीनेट में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखी गईं। हालांकि, अंत में रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटरों ने उनका समर्थन किया और उन्हें मंजूरी मिल गई।
पटेल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एफबीआई पहले से ही अमेरिकी राजनीति के केंद्र में रही है। 2021 में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ जांच में इस एजेंसी की भूमिका को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी।
44 वर्षीय काश पटेल पूर्व पब्लिक डिफेंडर भी रह चुके हैं और उन्होंने वॉशिंगटन डीसी की राजनीति में तेजी से अपनी पहचान बनाई। ट्रंप प्रशासन के दौरान उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया मामलों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त किया गया था।
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