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देहरादून। उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुक्रवार से शुरू हो गई। ऋषिकेश आईएसबीटी से चारधाम यात्रा कार्यक्रम का आगाज करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ''जय बद्री, जय केदार, '' के उद्घोष के बीच बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर वन मंत्री सुबोध उनियाल, परिवहन मंत्री चंदन रामदास, शहरी विकास मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, नगर निगम महापौर अनीता ममगांई, हंस फाउंडेशन के संस्थापक भोले महाराज उपस्थित थे। बता दें कि चारधाम यात्रा का पहला पड़ाव ऋषिकेश ही है। रोजाना हजारों की तादाद में तीर्थयात्री यहां से अपनी यात्रा की शुरुआत करते हैं।



इस दौरान संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कोरोना काल के बाद दूसरी बार हो रही यह यात्रा पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ेगी। अभी तक 16 लाख से अधिक यात्रियों ने अपना पंजीकरण करा लिया। यात्रियों को सभी सुविधाएं उपलब्ध हों, इसकी तैयारियां की हैं। 

उन्होंने कहा कि सरकार ने इस प्रकार की व्यवस्था की है कि कोई भी यात्री बिना दर्शन करे वापस नहीं जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केदारनाथ में किए गए जीर्णोद्धार कार्य की प्रशंसा की। इसी के साथ उन्होंने बद्रीनाथ में हो रहे विकास कार्यों के अतिरिक्त हेमकुंड जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे रोपवे पर कार्य भी जल्द पूरा किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि गंगोत्री-यमुनोत्री के विकास के लिए भी सरकार कटिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने यात्रियों को आश्वासन दिया कि यात्रा के दौरान जो भी समस्याएं आएंगी, उसे भी जल्द समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार चारों धामों में यात्रियों का स्वागत हेलीकॉप्टर से फूल वर्षा कर किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार यात्रा पूरी तरह से सफल रहेगी, जिसका संदेश देश ही नहीं विश्व में भी जाएगा।

परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने कहा कि चार धाम यात्रा की सफलता को बनाए रखने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। चारों धामों में यात्रियों के रहने, खाने-पीने के साथ वाहनों के चालकों को विशेष रूप से प्रशिक्षण दिए जाने की व्यवस्था की है। 5000 वाहनों के ग्रीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यात्रा पर जाने वाले सभी यात्रियों का पंजीकरण किया जाएगा, जिससे यात्रियों को चार धाम जाने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस बार की चार धाम यात्रा पिछले सभी रिकॉर्ड को तोड़ेगी। उन्होंने कहा कि यह यात्रा राज्य की आर्थिक रीढ़ का भी कार्य करती है। उन्होंने यात्रा की सुरक्षा की दृष्टि से वाहन चालकों से अपेक्षा व्यक्त की है कि वह यात्रियों के प्रति सद्भावना रखते हुए धैर्य पूर्वक उन्हें यात्रा करवाएं।
 

उधर शुक्रवार सुबह नौ बजे भगवान केदारनाथ की पंचमुखी भोगमूर्ति चल विग्रह उत्सव डोली में विराजमान होकर पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से अपने धाम के लिए प्रस्थान किया। सेना की बैंड धुनों और भक्तों के जयकारों के बीच डोली पहले पड़ाव पर रात्रि प्रवास के लिए विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी।


22 को फाटा, 23 को गौरीकुंड में रात्रि प्रवास करते हुए डोली 24 अप्रैल को अपने धाम पहुंचेगी। 25 अप्रैल को सुबह 6.10 बजे कपाटोद्घाटन होगा। वहीं भगवान भैरवनाथ की विशेष पूजा-अर्चना के साथ केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भगवान केदारनाथ की निर्विघ्न यात्रा के लिए क्षेत्रपाल के रूप में पूजे जाने वाले भगवान भैरवनाथ की आराधना की गई। साथ ही देवता की पूरी-पकौड़ी से बनी मालाओं से श्रृंगार कर अष्टादश आरती उतारी गई।

दूसरी तरफ गंगोत्री धाम के कपाट कल शनिवार को खुलेंगे। मां गंगा के शीतकालीन पड़ाव व मायके मुखबा मुखीमठ से मां गंगा की डोली विदाई की तैयारियां तेज हो गई हैं। आज डोली धाम के लिए रवाना होगी। 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे।


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