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कोलकाता। लोकसभा चुनाव -2024 से पहले भाजपा के खिलाफ विपक्ष की एकता की मुहिम को बड़ा झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की अध्यक्ष और पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी अकेले ही लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।

सागरदिघी उपचुनाव में कांग्रेस से मिली हार के बाद टीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि- हम 2024 का चुनाव अकेले लड़ेंगे। किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। TMC का गठबंधन जनता के साथ होगा।  बता दें कि सागरदिघी उपचुनाव में कांग्रेस के बायरन बिस्वास की लगभग 23,000 मतों से जीत दर्ज की है।

पश्चिम बंंगाल की सागरदिघी विधानसभा उपचुनाव में टीएमसी को झटका लगा है। इस सीट पर कांग्रेस के बायरन बिस्वास ने जीत दर्ज की है। दूसरे नंबर पर टीएमसी के देवाशीष बनर्जी रहे।

ममता  बनर्जी ने कहा कहा कि भाजपा, कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) या सीपीआई (एम) की 'अनैतिक' सांठगांठ के कारण कांग्रेस ने सागरदिघी उपचुनाव जीता। उन्होंने कहा कि अगर आप सागरदिघी में भाजपा के वोट शेयर पर नजर डालें तो यह करीब 22 फीसदी था। इस बार, उन्होंने अपने वोट कांग्रेस को स्थानांतरित कर दिए और केवल 13 प्रतिशत वोट ही हासिल कर सके।

 

अधीर रंजन चौधरी बोले- टीएमसी का भाजपा से 'समझौता'

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी यह स्पष्ट करती है भाजपा के साथ टीएमसी का 'समझौता' है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की टिप्पणी सुनने के बाद  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुश होंगे। ऐसे समय में जब भाजपा को बाहर करने के लिए विपक्षी एकता की जरूरत है, ममता भाजपा के साथ समझौता कर खुद को और अपने भतीजे को बचाने की कोशिश कर रही हैं। 


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