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लखनऊ। खाने की खराब आदतों के कारण बच्चों में फैटी लीवर की मस्या बढ़ रही है। मोटापे से प्रभावित बच्चों में यह समस्या ज्यादा हो रही है। कुछ बच्चों में यह बीमारी आनुवंशिक कारणों से होती है। इसलिए समय से उपचार जरूरी है।

बलरामपुर संयुक्त चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डा. ओमकार यादव ने बताया कि बच्चों के आहार में फलों व सब्जियों को शामिल करें। मोटा अनाज जैसे अंकुरित चना खिलाएं। इसके अलावा फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक, मैदा से बनने वाली तली भुनी चीजें बच्चों को बिल्कुल न दें।

 

शराब का सेवन लीवर के लिए सबसे घातक

डा. ओमकार ने बताया कि शराब का सेवन लीवर के लिए सबसे घातक है। इसलिए शराब के सेवन से बचना चाहिए। लीवर शरीर में मस्तिष्क के बाद सबसे महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर के पाचन तंत्र से जुड़ा अंग है। लीवर विषाक्त पदार्थों को निकालता है, कोलेस्ट्राल और शर्करा को नियंत्रित करता है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों को फैटी लीवर की समस्या होती है, वही लोग आगे चलकर मधुमेह, ह्रदय व किडनी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आते हैं।

 

लक्षण:- भूख कम लगना, वजन गिरना, आंखों का पीला पड़ना, पैरों में सूजन तथा कमजोरी महसूस होना।

 


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