काहिरा /यरुशलम। Hamas- Israel Ceasefire: इजराइल के साथ पिछले सात महीने से जारी युद्ध को रोकने के लिये चरमपंथी समूह हमास ने मिस्र और कतर की ओर से पेश किये गए संघर्ष-विराम प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। हमास की तरफ से जारी एक बयान में इसकी पुष्टि की गई।
संघर्ष विराम प्रस्ताव के संबंध में हमास ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा कि हमास के सर्वोच्च नेता इस्माइल हानिया ने कतर के प्रधानमंत्री और मिस्र के खुफिया मामलों के मंत्री को फोन पर यह जानकारी दी। मध्य पूर्व के ये दो देश इजराइल और हमास के बीच महीनों से जारी बातचीत में मध्यस्थता कर रहे हैं। इजराइल ने इस मामले पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।
उधर इजराइली सेना रफाह पर आने वाले समय में संगठित तरीके से बड़ा हमला कर सकती है, इसी के मद्देनजर रफाह में शरण लिए फिलिस्तीनियों से ठिकाना छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है। इससे पहले सोमवार को इजराइल ने रफाह पर को हवाई हमले किए। इन हमलों में 20 लोग मारे गए और कई के घायल हुए हैं।
हमास ने कहा है कि रफाह पर इजराइल की कार्रवाई का विपरीत असर भविष्य में गाजा में युद्धविराम के लिए होने वाली वार्ता पर पड़ेगा। वैसे हमास फलस्तीनियों की रक्षा के लिए पूरी तरह से तैयार है। गाजा के दक्षिणी शहर रफाह में इस समय लगभग 14 लाख बेघर लोग शरण लिए हुए हैं।
इजराइल का कहना है कि इनके बीच बड़ी संख्या में हमास के लड़ाके भी छिपे हुए हैं। रविवार को केरेम शेलोम क्रॉसिंग पर रफाह से किए गए रॉकेट हमले से साबित हो गया कि रफाह में हमास लड़ाके मौजूद हैं। इस हमले में चार इजराइली सैनिक मारे गए थे। इजराइल के अनुसार हमास लड़ाकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रफाह से आमजनों को हटाया जाना जरूरी है। लेकिन आमजनों के स्थानांतरण के दौरान ही इजराइली सेना और हमास के बीच टकराव शुरू होने की आशंका है, जिसमें भारी खूनखराबा हो सकता है।
उधर मिस्र ने इजरायल से गाजा में अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है। रफाह में जमीनी कार्रवाई को लेकर अमेरिका और इजरायल में भी गहरे मतभेद हैं। सोमवार को एक बार फिर राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से टेलीफोन पर बात की। इस वार्ता में बाइडन ने रफाह पर कार्रवाई न करने के लिए कहा है
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