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काठमांडू। नेपाल में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया। ताजा राजनीतिक हलचल के बीच देररात केपी शर्मा ओली राष्ट्रपति कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल से मिले। इस दौरान उन्होंने सरकार गठन करने का दावा पेश किया। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान में तीन दिन के भीतर नई सरकार के गठन का आह्वान किया गया है। आपको बता दें कि ओली का चीन का समर्थक माना जाता हैं

ओली नेपाली कांग्रेस के समर्थन पत्र सहित पार्टी के अध्यक्ष शेर बहादुर देउवा के साथ राष्ट्रपति से मिले। केपी शर्मा ओली को नेपाली कांग्रेस के अलावा कई छोटे दलों का भी समर्थन मिला है। 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में नेपाली कांग्रेस के 89 और एमाले के 78 सांसद के साथ ही बहुमत पहुंच जाता है। ओली को राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी के 14, जसपा के 12, जनमत के 6, लोसपा के 4 , उन्मुक्ति पार्टी के 4 सांसदों का समर्थन हासिल है।

भगवान राम को बताया था नेपाली

तीन साल पहले 2020 की बात है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बयान देकर पूरे नेपाल और भारत को हैरान कर दिया। ओली ने अपने निवास पर भानु जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए कहा, 'भगवान राम भारतीय नहीं, नेपाली थे। असली अयोध्या भारत में नहीं, नेपाल के बीरगंज में है।' उन्होंने भारत पर सांस्कृतिक दमन का आरोप भी लगाया।


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