ढाका। बांग्लादेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण के खिलाफ छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया है। देशव्यापी बंद का आज दूसरा दिन है। पहले दिन अपराह्न तीन बजे के बाद आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई है। ढाका में हिंसा और आगजनी को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। इस दौरान एक आंदोलनकारी की मौत हो जाने से विद्यार्थियों का गुस्सा भड़क गया। इसके विरोध में छात्रों ने कई जगह आगजनी की। सुरक्षा एजेंसियों को टकराव बढ़ने की आशंका है।
ढाका ट्रिब्यून और द डेली स्टार समाचार पत्र के अनुसार, आंदोलन ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पुलिस अधिकारी आंदोलन से निपटने की रणनीति बनाने का दावा तो कर रहे हैं पर उसका विवरण देने से बच रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि आंदोलनकारियों के सड़कों पर उतरकर जनता को परेशान करने पर नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस मुख्यालय ने कानून का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने का आह्वान किया है।
ढाका के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक इनामुल हक सागर ने कहा है कि किसी भी मांग के नाम पर अराजक स्थिति पैदा करना, कानून-व्यवस्था को खराब करना, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालना और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। अगर आज सड़कें अवरुद्ध की जाती हैं तो सख्ती से निपटा जाएगा। सभी संवेदनशील इलाकों, विश्वविद्यालयों के आसपास अतिरिक्त पुलिस तैनात किया गया है। ढाका विश्वविद्यालय के आसपास बख्तरबंद कर्मचारियों को पानी की बौछार करने वाली मशीनों को तैनात किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी के सभी विश्वविद्यालयों के छात्रावासों को खाली करा लिया गया है। आंदोलनकारियों को राजधानी के स्कूलों और कॉलेजों में घुसने से रोकने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस की गुप्तचर शाखा के प्रमुख हारुनोर रशीद ने कल दोपहर ढाका विश्वविद्यालय परिसर में पत्रकारों से कहा कि छात्र आरक्षण आंदोलन को राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने से हालात बिगड़े हैं।
क्या है मामला
बांग्लादेश में ये विरोध आरक्षण खत्म करने के लिए हो रहा है। छात्र 1971 के युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे हैं। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट की मानें तो एक हफ्ते पहले ही बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने इस आरक्षण पर रोक लगा दी थी, लेकिन पीएम शेख हसीना ने इसे लागू नहीं होने दिया। इसको लेकर ही छात्र हंगामा कर रहे हैं. वहीं, हसीना का कहना है कि ये फैसला उनके हाथों में है. बांग्लादेश में 30% नौकरियां में वॉर हीरो के बच्चों के लिए रिजर्व रखी गई हैं. इसी के खिलाफ छात्रों का गुस्सा भड़का हुआ है, क्योंकि छात्र मेरिट के आधार पर नौकरियों की मांग कर रहे हैं.
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