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तेहरान । आर्थिक संकट, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध और विकराल होती महंगाई के कारण फैले लोगों के असंतोष से जूझ रहे ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों का सिलसिला व्यापक हो रहा है।खासतौर पर देश के समक्ष बढ़ते आर्थिक संकट ने मौजूदा स्थिति को और भी खराब बना दिया है। 28 दिसंबर से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को राजधानी तेहरान सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में जोर पकड़ रहा है।

मीडिया समूह ईरान इंटरनेशनल के मुताबिक ईरान की राजधानी में दो दिनों की शांति के बाद शुक्रवार रात तेहरान के पूर्वी और पश्चिमी जिलों में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। मशहद और कोम जैसे पवित्र शहरों में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए।देश के अशांत दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र स्थित ज़ाहेदान में प्रदर्शनकारी शुक्रवार की नमाज़ के बाद सड़कों पर उतर आए और देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी की।

उल्लेखनीय है कि यह शहर साल 2022 के व्यापक विरोध प्रदर्शनों का एक प्रमुख केंद्र था जहां एकबार फिर विरोध प्रदर्शन में तेजी देखी जा रही है। मशहद, ज़ाहेदान, कजवीन, हमदान और तेहरान सहित कई शहरों में व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। जहां सुरक्षा बलों की हिंसा और काफी संख्या में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारियां हुई हैं। प्रदर्शनकारी कट्टरपंथी मौलानाओं का शासन खत्म करने की मांग करते हुए सर्वोच्च नेता

ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक तरीके से मारता है तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा। उन्होंने मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट साझा कर कहा कि, हम कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरान ने अमेरिकी हमले की स्थिति में उसके बेस को निशाना बनाने की धमकी दी है।  (हि.स.)
 


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