तेहरान/वाशिंगटन/कुवैत सिटी/सना । अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी बंदरगाह शहर बुशहर में हवाई हमला किया है। यह शहर ईरान का एकमात्र नागरिक परमाणु ऊर्जा संयंत्र का घर है। अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात ईरान पर हमले किए हैं। ईरान की सेना ने जवाब में अमेरिकी के सहयोगी देशों पर ड्रोन और मिसाइलें दागी हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य की इस लड़ाई में अब यमन में सक्रिय ईरान समर्थक आतंकी समूह हूती खुलकर सामने आ गया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम को बुशहर के गवर्नर मोहम्मद मुजफ्फरीने बताया कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी तटीय शहर बुशहर पर हमला किया है। इससे जोरदार धमाका हुआ है।
मौके पर आपातकालीन सेवाएं मौजूद हैं। बंदरगाह शहर बुशहर फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है। यह शहर बुशहर प्रांत की राजधानी भी है। बुशहर की पहचान परमाणु ऊर्जा संयंत्र की वजह से होती है। यह ईरान का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र है। रूस की मदद से निर्मित यह संयंत्र शहर के केंद्र से लगभग 17 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है।
अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने एक्स पर लिखा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर पूर्वी समय के अनुसार शाम 5:30 बजे ईरानी सैन्य ठिकानों पर और हमले शुरू किए गए हैं। यह हमले आम नागरिक जहाजों और कमर्शियल जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को और कम करने के लिए किया गया है।
इस बीच ईरान समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों का दावा है कि उन्होंने लाल सागर में सऊदी के दो तेल टैंकर को मिसाइल और ड्रोन से हमला कर तबाह कर दिया । हूती विद्रोहियों के टेलीग्राम पर जारी बयान के अनुसार, इन तेल टैंकरों के नाम एन्सेलिया और लायला हैं। इससे पहले यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स संगठन ने सऊदी अरब के शहर अल-शुकाइक से 70 नॉटिकल मील (130 किलोमीटर) दूर एक टैंकर पर हमले की पुष्टि की।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाघेरी घालीबाफ का कहना है कि अगर ईरान को सुरक्षा की गारंटी नहीं दी गई तो इस क्षेत्र में स्थिति में बदलाव नहीं आ सकता। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि 27 जून से देश पर हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 53 लोग मारे गए हैं। (हि.स.)
Read More: ईरान की पोर्ट सिटी बुशहर पर अमेरिका की भारी बमबारी, हूती ने सऊदी के दो तेल टैंकर तबाह किए




