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नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज से 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games 2026) की शुरुआत होगी। इन खेलों में भारतीय दल एक बार फिर दमदार प्रदर्शन के इरादे से उतरेगा। अनुभवी सितारों और युवा खिलाड़ियों के मिश्रण वाली भारतीय टीम से कई स्पर्धाओं में पदक की उम्मीद की जा रही है। खासकर नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहैन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर देश की नजरें टिकी होंगी।

इस बार राष्ट्रमंडल खेलों में 74 देशों और क्षेत्रों के तीन हजार से अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तैराकी, कलात्मक जिम्नास्टिक, ट्रैक साइकिलिंग, नेटबॉल, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, जूडो, बाउल्स और 3x3 बास्केटबॉल समेत 10 खेल शामिल हैं।

नीरज चोपड़ा : ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता और भारत के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा एक बार फिर भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। उनसे स्वर्ण पदक की सबसे मजबूत उम्मीद मानी जा रही है।

मीराबाई चानू: भारोत्तोलन में भारत की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू अब तक राष्ट्रमंडल खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2018 गोल्ड कोस्ट और 2022 बर्मिंघम खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। ग्लासगो में वह लगातार तीसरा स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी।

लवलीना बोरगोहैन: टोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता और 2023 विश्व चैंपियन लवलीना बोरगोहैन महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में भारत की सबसे बड़ी पदक दावेदार होंगी। अपनी निरंतरता और अनुभव के दम पर उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही है।

गुरिंदरवीर सिंह: भारत के सबसे तेज धावक गुरिंदरवीर सिंह ने इस वर्ष 100 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ते हुए 10.09 सेकंड का समय निकाला था। राष्ट्रमंडल खेलों में वह पहली बार हिस्सा लेंगे और एथलेटिक्स में भारत के लिए पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।

प्रणति नायक: अनुभवी जिम्नास्ट प्रणति नायक कलात्मक जिम्नास्टिक में भारत की चुनौती का नेतृत्व करेंगी। उनका लक्ष्य राष्ट्रमंडल खेलों में पहला पदक जीतकर इतिहास रचना होगा।


इन युवा खिलाड़ियों से भी उम्मीद

इन दिग्गज खिलाड़ियों के अलावा सरवेश कुशारे और ज्ञानेश्वरी यादव जैसे युवा खिलाड़ी भी पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेंगे। उनसे भविष्य की मजबूत भारतीय टीम की नींव रखने वाले प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

भारत 2020 राष्ट्रमंडल खेलों की करेगा मेजबानी  

भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करेगा। ऐसे में ग्लासगो में भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन न केवल पदकों के लिहाज से अहम होगा, बल्कि अहमदाबाद 2030 की तैयारियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। (हि.स.)
 


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