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वाशिंगटन/टोक्यो। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने  उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों को धमकी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर नाटो देश होर्मुज जलडमरूमध्य (होर्मुज स्ट्रेट) को सुरक्षित करने में मदद नहीं करते तो उनका भविष्य बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने इस रणनीतिक जलमार्ग को लेकर यूरोपीय देशों को एक कड़ा संदेश दिया। वहीं जापान और आस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट में वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है।

इससे पहले सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को रविवार को फोन पर दिए साक्षात्कार में कहा, "यह बिल्कुल सही है कि जो लोग इस जलडमरूमध्य से फायदा उठाते हैं, वे यह सुनिश्चित करने में मदद करें कि वहां कुछ भी बुरा न हो।" उन्होंने कहा, "अगर कोई जवाब नहीं आता है तो मुझे लगता है कि यह नाटो के भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा।"

राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को अमेरिका से दी गई मदद का जिक्र करते हुए कहा, "हमें यूक्रेन के मामले में उनकी मदद करने की कोई जरूरत नहीं थी।अब हम देखेंगे कि क्या वे हमारी मदद करते हैं। मैं लंबे समय से कहता आ रहा हूं कि हम उनके लिए हमेशा मौजूद रहेंगे। यह पूछे जाने पर कि उन्हें नाटो से किस तरह की मदद चाहिए? राष्ट्रपति ने कहा, "जो भी जरूरी हो। उसमें बारूदी सुरंग नष्ट करने वाले जहाज भी शामिल हो सकते हैं। "

नाटो यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी रक्षा गठबंधन है। इसे शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने और अपने सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। इसका मकसद किसी ऐसे देश की मदद करना नहीं है, जब कोई सदस्य देश खुद ही युद्ध शुरू कर दे। फ्लोरिडा से एयर फ़ोर्स वन विमान से व्हाइट हाउस लौटते समय ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया, "हम हमेशा नाटो के साथ खड़े हैं।" उन्होंने कहा, "यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा देश एक बहुत ही छोटे से काम में हमारी मदद नहीं करता।

राष्ट्रपति ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के प्रति अपनी नाराजगी एक बार फिर जहिर की। उनकी नाराजगी का कारण यह था रहा स्टारमर ने ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों को तुरंत अपना समर्थन नहीं दिया था। उन्होंने कहा, "ब्रिटेन को शायद हमारा सबसे महत्वपूर्ण सहयोगी माना जाता है। जब मैंने उनसे मदद मांगी तो वह साथ नहीं आए।" (हि.स.)


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