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हेग (नीदरलैंड)। नीदरलैंडमें चल रही नाटो समिट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बढ़ा बयान दिया ​है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान ने जंग में बहादुरी दिखाई। वे ऑयल का कारोबार करते हैं। मैं चाहूं तो इसे रोक सकता हूं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहता।

उन्होंने कहा कि ईरान को जंग के बाद नुकसान से उबरने के लिए ऑयल बेचने की जरूरत है। अगर चीन, ईरान से ऑयल खरीदना चाहते हैं तो हमें कोई दिक्कत नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच अगले हफ्ते बातचीत होगी।

इससे पहले मंगलवार को NATO समिट के लिए जाते वक्त भी ट्रम्प ने कहा था कि चीन अब ईरान से ऑयल खरीद सकता है, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि चीन अमेरिका से भी ऑयल खरीदेगा।

हालांकि व्हाइट हाउस अधिकारी ने साफ किया था कि यह ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत का ऐलान नहीं था। बता दें कि ईरान-इजराइल में 12 दिन चली जंग के बाद ट्रम्प ने मंगलवार को सीजफायर का ऐलान किया था।

द न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार की खबर के अनुसार, ट्रंप ने कल हेग में नाटो शिखर सम्मेलन में संवाददाताओं से कहा कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षा को त्यागने को तैयार है। इसलिए अब बातचीत करने में कोई हर्जा नहीं है। और यह भी ईरान और इजराइल के बीच युद्ध विराम दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है। अब दोनों देशों से बुरी खबरें नहीं आ रहीं।

ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के परमाणु सुविधा केंद्रों पर आक्रमण नहीं कियो होता तो शायद वह समझौते के लिए तैयार नहीं होता। इस दौरान ट्रंप ने मंगलवार को जारी एक प्रारंभिक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के निष्कर्षों के खिलाफ भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। इसमें कहा गया था कि ईरान की परमाणु सुविधाओं पर अमेरिका के हमलों ने देश की महत्वाकांक्षाओं को केवल कुछ महीनों के लिए पीछे धकेल दिया है। ट्रंप ने दोहराया कि हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तहस-नहस कर दिया है। (एजेंसी)
 


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