तेहरान। ईरान के खोए शहर में शनिवार रात 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 440 लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किमी नीचे था।
मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, भूकंप के झटके बहुत तेज थे और ईरान के पश्चिमी अजरबैजान प्रांत में कई इलाकों में महसूस किए गए। इसके बाद से सरकारी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है। भूकंप के असर वाले कुछ इलाकों में बर्फबारी हो रही है, वहां तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे है। कुछ जगहों पर बिजली सप्लाई भी ठप हुई है। रेस्क्यू टीम भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में चीजें सामान्य करने में लगी हुई हैं।
हाल के वर्षों में ईरान में आए भूकंप
-2 जुलाई 2022 को ईरान में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इस भूकंप के झटके पड़ोसी देशों कतर और यूएई के साथ ही चीन तक महसूस किए गए थे। भूकंप में 5 लोगों की मौत हो गई थी और 44 लोग घायल हो गए थे।
-ईरान के दक्षिणी सूबे में 25 जून को 5.6 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया था। इस आपदा के चलते एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 30 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ईरानी मीडिया ने यह जानकारी थी। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बताया कि एपिसेंटर होर्मोजगन प्रांत के किश द्वीप से 22 किलोमीटर उत्तर पूर्व में था। इसका केंद्र सतह से 22 किलोमीटर नीचे था।
-2003 में यहां के बाम शहर में 6.6 मैग्निट्यूड का भूकंप आया था। इस दौरान 26000 लोगों की जान गई थी।
भूकंप क्यों आता है?
धरती के अंदर 7 प्लेट्स ऐसी होती हैं जो लगातार घूमती हैं। ये प्लेट्स जिन जगहों पर ज्यादा टकराती हैं, उसे फॉल्ट लाइन जोन कहा जाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब प्रेशर ज्यादा बनने लगता है कि तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। इनके टूटने के कारण अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है। इसी डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।




