देहरादून। उत्तराखंड में आसमान से बारिश आफत बनकर बरस रही है। देर रात गंगोत्री हाईवे बंद होने के कारण यात्रियों के वाहन गंगनानी के समीप खड़े थे। तभी अचानक भूस्खलन हो गया और पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा एक टेम्पो ट्रेवल्स सहित तीन वाहनों पर गिर गया। मलबे में तीन वाहन दब गए। जिसमें एक महिला समेत चार लोगों की मौत हो गई। सभी यात्री मध्य प्रदेश के बताए जा रहे हैं। वहीं, अभी तक सात घायलों को अस्पताल भेजा गया है।

वहीं चीन सीमा क्षेत्र के जोशीमठ-मलारी हाईवे पर जुम्मा में पुल बह गया। जिस कारण सीमा क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ ही सेना के जवानों की आवाजाही भी रुक गई है। साथ ही नीति घाटी का देश दुनिया से संपर्क टूट गया है।
सीमांत गांव कागा गरपका के प्रधान पुष्कर सिंह राणा ने बताया कि सोमवार की देर सायं को सीमांत गांव मलारी के जुम्मा नदी के उपरी इलाकों में ग्लेशियर टूट गया था, जिससे नदी में भारी बाढ़ की स्थिति बन गई थी। नदी में भारी मलबा ओर बोल्डर आने के कारण यह मलबा जुम्मा नदी पर बना बीआरओ के पुल में फंस गया और देर रात्रि को उसने पुल को पूरी तरह से वास आउट कर दिया है। इसकी पुष्टि जिला सूचना कार्यालय ने भी की है। ग्लेशियर टूटने के कारण धौलीगंगा का जल स्तर भी बढ़ गया था, जिसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को अलर्ट कर दिया गया था। हालांकि इस ग्लेशियर के कारण आयी बाढ़ से किसी प्रकार की जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
जिला सूचना कार्यालय के अनुसार राजस्व उपनिरीक्षक मलारी की ओर से दी गई सूचना के अनुसार जुम्मा नदी पर बना बीआरओ के पुल के बह जाने से सीमावर्ती गांव कागा लगा द्रोणागिरी, द्रोणागिरी, गरपक, लमतोली, जेलम, कोषा, मलारी, कैलाशपुर, महरगांव, गुरगुती, फरकिया, बांपा, गमशाली, नीती आदि का संपर्क कट गया है।
वर्चुअल पुलिस ने बताया कि बदरीनाथ हाइवे पागलनाला, गुलाब कोटी, कंचन गंगा में बाधित चल रहा है। हालांकि पागलनाला में यातायात सुचारु कर दिया गया है, लेकिन गुलाब कोटी और कंचन गंगा में हाइवे बाधित चल रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।
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