सूरत/अहमदाबाद। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी पर “सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है” वाला बयान भारी पड़ गया। मानहानि केस में सूरत डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने गुरूवार को राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई है। इसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई । राहुल पर पिछले 4 साल से मानहानि का मामला चल रहा था। इससे पहले कोर्ट ने 17 मार्च को इस मामले में सभी दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।
राहुल ने कोर्ट में अपना पक्ष रखा। उनके वकील के मुताबिक, 'राहुल ने कहा कि बयान देते वक्त मेरी मंशा गलत नहीं थी। मैंने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी।' उधर, कोर्ट के बाहर विधायक और याचिकाकर्ता पूर्णेश मोदी और उनके समर्थकों ने भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए।
इससे पहले राहुल गांधी सुबह 11 बजे के करीब सूरत हवाईअड्डे पर पहुंचे। यहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने जमकर उनका स्वागत किया। कांग्रेस के गुजरात प्रदेश प्रभारी रघु शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष जगदीश ठाकोर, नेता प्रतिपक्ष अमित चावडा समेत अन्य कई नेता सूरत पहुंचे। पत्रकारों से बात करते हुए प्रदेश प्रभारी रघु शर्मा ने राहुल गांधी पर लगाए आरोप को आधारहीन बताते हुए कहा कि सत्य की जीत होती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बहुत सारे उदाहरण है, जब सुप्रीम कोर्ट और अन्य कोर्ट के जजमेंट में न्याय मिला है। यह सिर्फ परेशान की राजनीति है, जो भाजपा ने शुरू की है। उन्होंने कहा कि देश के सामने मुख्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भाजपा के नेता इस तरह के केस कर रहे हैं। सूरत कांग्रेस नेता नैषद देसाई ने न्यायालय की टिप्पणी पर कुछ भी बोलने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे आगे अपील करेंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल ने कहा कि राहुल गांधी को अपने आप पर कंट्रोल नहीं है। पूरे समाज को बदनाम करने को लेकर उन्होंने निवेदन किया था। मानहानि की याचिका दायर करने वाले सूरत पश्चिम के विधायक पूर्णेश मोदी ने फैसले का स्वागत किया।
फैसले पर राहुल की पहला बयान
मानहानि केस में सूरत कोर्ट के फैसले के बाद राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की बात को कोट करते हुए लिखा कि मेरा धर्म सत्य और अहिंसा पर आधारित है। सत्य मेरा भगवान हैए अहिंसा उसे पाने का साधन।
क्या है पूरा मामला
राहुल गांधी ने 13 अप्रैल, 2019 को बेंगलुरु के निकट कोलार में एक चुनावी जनसभा में मोदी सरनेम को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सभी चोरों का उपनाम मोदी क्यों है। इस पर सूरत पश्चिम के विधायक पूर्णेश मोदी ने राहुल के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की थी। इसी मामले में उन्हें कोर्ट ने आईपीसी की धारा 490 और 500 के तहत दोषी ठहराया है।
राजनेताओं की प्रतिक्रिया
हम कानून के मुताबिक इसके खिलाफ लड़ेंगे: मल्लिकार्जुन खरगे
वहीं अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उन्हें जमानत मिल गई है। हम शुरू से जानते हैं कि वे जज बदलते रहे। हम कानून और न्यायपालिका में भरोसा रखते हैं और हम कानून के मुताबिक इसके खिलाफ लड़ेंगे।
मेरे भाई न कभी डरे हैं न कभी डरेंगे: प्रियंका गांधी वाड्रा
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अपने ट्वीट में प्रतिक्रिया देते हुए कहाए डरी हुई सत्ता की पूरी मशीनरी साम, दाम, दंड, भेद लगाकर राहुल गांधी की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। मेरे भाई न कभी डरे हैं न कभी डरेंगे। सच बोलते हुए जिये हैं, सच बोलते रहेंगे। देश के लोगों की आवाज उठाते रहेंगे। सच्चाई की ताकत व करोड़ों देशवासियों का प्यार उनके साथ है।
शब्दों की मर्यादा रहनी चाहिए: राजनाथ सिंह
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'शब्दों की मर्यादा हमेशा बनी रहनी चाहिए। इस फैसले सेकांग्रेस सांसद राहुल गांधी को सबक लेना चाहिए।'
गैर BJP नेताओं को खत्म करने की साजिशः अरविंद केजरीवाल
'गैर BJP नेताओं और पार्टियों पर मुकदमे करके उन्हें खत्म करने की साजिश हो रही है। हमारे कांग्रेस से मतभेद हैं मगर राहुल गांधी जी को इस तरह मानहानि केस में फंसाना ठीक नहीं। जनता और विपक्ष का काम है सवाल पूछना। हम अदालत का सम्मान करते हैं, पर इस निर्णय से असहमत हैं।'




