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तेहरान। ईरान में 10 दिन से महंगाई के खिलाफ शुरू प्रदर्शन से निपटना इस्लामिक गणराज्य के लिए चुनौती बना हुआ है। जनता ने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ विद्रोह कर दिया है। दक्षिणी ईरान के एक शहर में सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर सामने से गोलियां दागी हैं।

कोम के बाद दूसरे पवित्र शहर मशहद में हालात बेकाबू हो गए हैं। गुस्साए लोगों ने ऊंचा और विशाल झंडा उतार दिया। खोरासान प्रांत के एक गवर्नर हाउस को फूंक दिया गया है। लोगों ने खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी की है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी बंद नहीं हुई तो अंजाम बहुत बुरा होगा।

वहीं  ईरान के विदेश मंत्रालय ने देश में हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अमेरिका की टिप्पणियों को "हस्तक्षेप करने वाला" और "अशांति भड़काने के मकसद से किया गया" बताया। बयान में कहा गया है, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान संविधान के सिद्धांतों के अनुरूप शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को मान्यता देता है।" बयान में कहा गया, आर्थिक कठिनाइयों के लिए बहुत हद तक अमेरिका जिम्मेदार है।" (हि.स.)
 


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