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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के शहर के श्री बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर में रामनवमी पर बावड़ी (बड़ा कुआं) की छत धंसने से हुए हादसे में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। इस हादसे में घायल 16 लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। यह जानकारी इंदौर के कलेक्टर इलैया राजा टी ने शनिवार सुबह दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजा की घोषणा की है। 

प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर का कहना है कि सेना के 75 जवानों के अलावा एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। यह एक प्राचीन बड़ा कुआं (बावड़ी है) है जो काफी गहरा है। 

इसको लकड़ी इत्यादि की छत बनाकर ढंक दिया गया था। रामनवमी पर भारी भीड़ के चलते लोग इस पर ज्यादा संख्या में एकत्र हो गए और यह हादसा हो गया। राहत और बचाव कार्य में समय लग रहा है। अभी भी दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनकी तलाश खोज जारी है।

रुवार को रामनवमी पर यहां पूजा की जा रही थी। 11 बजे हवन शुरू हुआ था। मंदिर परिसर के अंदर बावड़ी की गर्डर फर्शी से बनी छत पर 60 से ज्यादा लोग बैठे थे। तभी स्लैब भरभराकर गिर गया। सारे लोग 60 फीट गहरी बावड़ी में जा गिरे। यह मंदिर करीब 60 साल पुराना है।


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