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काठमांडू।  Nepal floods and landslides news: नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दी है। इसकी वजह से अबतक 200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।  अभी भी करीब चार दर्जन से अधिक लोग लापता हैं। भूस्खलन की चपेट में फंसे शवों को निकालने का काम जारी है। बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था में सरकार जुट गई है।

गृह मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ कर 204 हो गयी है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ऋषिराम तिवारी ने बताया कि देशभर से सोमवार सुबह 11 बजे तक जो आंकड़े मिले हैं उसके मुताबिक अब तक 204 लोगों का शव बरामद किया जा चुका है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अब तक चार दर्जन लोगों के लापता की सूचना मिली है।

गृह मंत्रालय के विपद व्यवस्थापन महाशाखा के पास जो आंकड़े देशभर से प्राप्त हुए हैं उनमें 49 लोगों के अब तक लापता होने की जानकारी मिली है। प्रवक्ता तिवारी ने बताया कि इस समय करीब 200 घायल लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। बाढ़ और भूस्खलन में फंसे करीब चार हजार लोगों को बचाया गया है।

प्रवक्ता बताया कि सरकार की प्राथमिकता बेघर हुए लोगों के लिए अस्थाई आवास की व्यवस्था करना है। उन्होंने बताया कि आज ही प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेपाल पहुंचते ही होने वाली कैबिनेट बैठक से अस्थाई आवास बनाने के लिए प्रभावित लोगों को पहली किस्त देने का फैसला कर लिया जाएगा।

इसके अलावा सरकार की प्राथमिकता राजमार्ग का संचालन भी है। चूंकि तीन दिनों के बाद घटस्थापना की शुरुआत हो रही है और काठमांडू से करीब 10 लाख लोग सड़क के रास्ते अपने-अपने घर के लिए जाते हैं। इस समय काठमांडू से बाहर जाने के सारे राजमार्ग बंद हैं। सरकार की प्राथमिकता इनको संचालित करने की है। ताकि दशहरे के अवसर पर लोग अपने गांव और अन्य शहर को जा सकें।


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