बीजिंग। चीन ने बुधवार को थियानमेन चौक पर हुई विक्ट्री डे परेड में अपनी जबरदस्त सैन्य ताकत दिखाई । परेड दुनिया को लड़ाकू विमानों, मिसाइलों और न्यू इलेक्ट्रानिक वारफेयर सहित आधुनिक हथियार दिखाए। इसमें कुछ मिसाइलों की मारक क्षमता अमेरिका तक है।
इस मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको सहित मलेशिया, म्यांमार, मंगोलिया, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, नेपाल, मालदीव सहित 26 देशों के शीर्ष नेता मौजूद रहे।
ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस अवसर पर कहा कि चीन को आगे बढ़ने से कोई ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि उनका देश किसी धौंस जमानेवाले से डरता नहीं है और हमेशा आगे बढ़ता रहता है। उन्होंने कहा कि यह एक नई यात्रा, नया युग है।
इस अवसर पर चीन ने अबतक का सबसे बड़ा सैन्य परेड करते हुए आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन किया। जिसमें जे 20 और जे 35 जैसे लड़ाकू विमान, डीएफ 31 एजी और डीएफ 41 बैलिस्टिक मिसाइलें, डीएफ-जेडएफ हाइपरसोनिक मिसाइल, एयर डिफेंस सिस्टम, टैंक और बख्तरबंद वाहन शामिल हैं। परेड में 10 हजार से ज्यादा सैनिक शामिल हैं। (हि.स.)
उल्लेखनीय है कि दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान जापान ने अमेरिका के परमाणु हमले के बाद 15 अगस्त 1945 को समर्पण किया था जिसके बाद 2 सितंबर 1945 को चीन के खिलाफ भी हार स्वीकार कर ली। इसी उपलक्ष्य में चीन विक्ट्री डे परेड मनाता रहा है।




