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धर्म डेस्क। Chaitra Navratri 2026: मां दुर्गा को समर्पित चैत्र नवरात्र कल यानी गुरुवार से शुरू हो रहे हैं।यह न केवल भक्ति और शक्ति की उपासना का पर्व है, बल्कि इसी दिन से हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) की शुरुआत भी होती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्र बेहद खास संयोग के साथ आ रही है। भक्तों में अभी से इस बात को लेकर उत्सुकता है कि मां दुर्गा इस बार किस वाहन पर सवार होकर आएंगी और कलश स्थापना का सबसे उत्तम समय क्या होगा।

चैत्र नवरात्र 2026 की सही तिथि
पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्र का आरंभ होता है। साल 2026 में चैत्र नवरात्र 19 मार्च, गुरुवार से शुरू हो रही है, जिसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को राम नवमी के पावन पर्व के साथ होगा।

घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त
नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि सही मुहूर्त में कलश स्थापित करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।

प्रतिपदा तिथि प्रारंभ: 18 मार्च 2026, रात से

कलश स्थापना मुहूर्त: 19 मार्च 2026, सुबह 06:15 बजे से 08:22 बजे तक (अमृत चौघड़िया)

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:46 बजे तक (यह स्थापना के लिए सर्वश्रेष्ठ समय माना जाता है)

पालकी पर सवार हो आएंगी मां
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवरात्र की शुरुआत जिस दिन होती है, उसी के आधार पर मां दुर्गा की सवारी तय होती है। चूंकि 2026 में चैत्र नवरात्र गुरुवार से शुरू हो रही है, इसलिए मां दुर्गा डोली (पालकी) पर सवार होकर आएंगी। पालकी पर आगमन मिले-जुले फल देने वाला माना जाता है, जो भक्तों के लिए धैर्य और संयम का संकेत है।

घटस्थापना और पूजा विधि

- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।

- पूजा घर की सफाई करें और उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में लकड़ी की चौकी बिछाएं।

-मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। तांबे या मिट्टी के कलश में गंगाजल, सिक्का, सुपारी और अक्षत डालें।

-कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें और उसके ऊपर चुनरी लपेटकर नारियल स्थापित करें।

- माता के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं और नौ दिनों तक व्रत का संकल्प लें।

 

 


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