देहरादून। उत्तराखंड में 15 फरवरी से फायर सीजन शुरू होने के मद्देनजर राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारी, वनकर्मी वन्यजीवों व वन संपदाओं को आग से बचाने को लेकर सतर्क हो गए हैं। टाइगर रिजर्व निदेशक डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वाटरहोल बनाने के साथ ही फायर लाइनों को दुरुस्त किया जा रहा है।

तत्काल आग पर काबू पाने के लिए क्यूआरटी का किया गया गठन
टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आग लगने की घटना होने पर तत्काल काबू पाया जा सके, इसके लिए क्यूआरटी का भी गठन किया जा रहा है। वनाग्नि के लिहाज से बेहद संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की जाएगी। दूसरी ओर टाइगर रिजर्व निदेशक बडोला ने टाइगर रिजर्व कर्मचारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की जानकारी ली।

ठंड के मौसम में बेहद कम बारिश
निदेशक डॉ. बडोला ने बताया कि इस साल ठंड के मौसम में बारिश बेहद कम हुई है। ऐसे में टाइगर रिजर्व समेत पूरे प्रदेश में जंगल में आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसीलिए अभी से तैयारी पर जोर दिया जा रहा है। जंगलों को आग से बचाने के लिए टाइगर रिजर्व से सटे 50 से अधिक गांवों के ग्रामीणों की भी मदद ली जाएगी।
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