देहरादून। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब बनाने की घोषणा की। इसके साथ ही चिकित्सा इकाइयों में एमआरआई, सिटी स्कैन की पूरी व्यवस्था और टेक्निशियन की कमी को पूरा किया जायेगा।
मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन औषधि दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में यह घोषणा की। इस दौरान 2022-23 में जन औषधि के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाले डॉ. पूनीत धमीजा, जन औषधि मित्र के रूप में श्रेष्ठ कार्य करने वाले मुकुल अग्रवाल और जन औषधि ज्योति के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाली कुसुम गोयल को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए केंद्र और राज्य की सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। आज सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में अनेक कार्य कर रही है। जन औषधि योजना के अंतर्गत सरकार कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध करा रही है। इस योजना के द्वारा अभी तक 850 से ज्यादा दवाओं का मूल्य नियंत्रित किया गया है। इन केंद्रों द्वारा हमारी बहनों और बेटियों को सिर्फ एक रुपये में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
क्या होती है कैथ लैब
एक कैथीटेराइजेशन प्रयोगशाला, जिसे आमतौर पर कैथ लैब के रूप में जाना जाता है। एक अस्पताल या क्लिनिक में एक परीक्षा कक्ष हाेता है जिसमें डायग्नोस्टिक इमेजिंग उपकरण होते हैं जो हृदय की धमनियों और हृदय के कक्षों की कल्पना करते हैं और किसी भी स्टेनोसिस या असामान्यता का इलाज करते हैं।
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