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देहरादून। आपदा प्राधिकरण मानसून से पहले आपदा तैयारियों को चुस्त करने में जुट गया है। हर जिले में मॉक ड्रिल कराने के साथ ही एक सीनियर अधिकारी को नोडल नामित किया जाये।

सचिवालय स्थित डी.एम.एम.सी. सभागार में सचिव उत्तराखंड आपदा प्रबंधन प्राधिकरण रंजीत सिन्हा की अध्यक्षता में मानसून से पूर्व की तैयारियों को लेकर राज्य के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की गई।

सचिव ने जिलाधिकारियों को जिलों में मॉक ड्रिल अनिवार्य कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संबंधित डिपार्टमेंट आपदा की स्थिति में जिलों से सम्पर्क बनाये रखने के लिए अपने एक सीनियर ऑफिसर को नोडल अधिकारी नामित कर लें, जो समय से जिलों की समस्याओं को उचित स्तर पर पहुंचाने का कार्य करे।

सचिव रंजीत सिन्हा ने कहा कि सभी जिले अपने संसाधनों जिसमें भोजन, पानी, मेडिसन आदि के भंडारण और अति संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर लें। मार्गों पर आपदा से संबंधित अधिकारियों के सम्पर्क सूत्र एवं डिटेल वाले होर्डिंग स्थापित करने से आपदा की स्थिति में आमजन को काफी सुविधा होगी। उपलब्ध सैटेलाइट फोन, वायरलैस सैट आदि को चैक कर लें एवं सभी को चालू अवस्था में रखा जाए। आपदा की स्थिति में बनाये जाने वाले स्टेजिंग एरिया, जॉइंट कंट्रोल रूम, शेल्टर, दूर संचार, मीडिया मैनेजमेंट, क्रॉउड मैनेजमेंट आदि बिन्दुओं पर प्रेजेंटेशन के माध्यम से चर्चा की गई।

जिलाधिकारियों व राज्य स्तर पर उपस्थित अधिकारियों को तत्परता और योजनाबद्ध तरीके से आपदा की स्थिति से निपटने के लिए निर्देश दिये। जिलों और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मध्य संचार और समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया।
 


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