- मुख्यमंत्री ने आग लगाने में संलिप्त तत्वों पर कठोर कार्रवाई करने को कहा
- वनाग्नि को रोकने के लिए सचिवों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी देने का निर्देश
देहरादून।उत्तराखंड में जंगलों में लगी आग (वनाग्नि) को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। सीएम ने वनाग्नि रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया है। कुछ अन्य कार्मिकों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश दिए कि वनाग्नि को पूर्णतः रोकने के लिए सभी सचिवों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी दी जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे वनाग्नि को रोकने और जनजागरूकता के लिए फायर लाइन बनाने की कार्रवाई में शामिल रहेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वनाग्नि पर प्रभावी रोकथाम के लिए जनसहयोग लिया जाए। जंगलों में आग लगाने की घटनाओं में जो भी लिप्त पाए जा रहे हैं, उन पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। वनाग्नि रोकने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम किया जाए।
आगामी मानसून सीजन की तैयारियों के संबंध में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून से पहले नालियों की सफाई, ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन की कार्रवाई पूर्ण की जाए। नदी किनारे सुरक्षा दीवारों के निर्माण और मरम्मत कार्य ससमय पूर्ण किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पुराने ब्रिजों का सेफ्टी ऑडिट किया जाए। वर्षाकाल के दृष्टिगत संवेदनशील क्षेत्रों में वैली ब्रिज की पूर्ण व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी डैम की गहराई और क्षेत्रफल की वर्तमान स्थिति जानने के लिए संबंधित विभागों की एक कोआर्डिनेशन कमेटी बनाई जाए। यह भी आंकलन किया जाए कि डैम के बनने से वर्तमान समय तक डैम की गहराई और क्षेत्रफल की स्थिति क्या है।
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