रबात। अफ्रीकी देश मोरक्को में शुक्रवार देर रात हाई एटलस पहाड़ियों पर आए शक्तिशाली भूकंप से बड़े पैमाने पर क्षति हुई है। खबर लिखे जाने तक 822 लोगों की मौत लोगों की मौत हो चुकी थी। मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है । तमाम इमारतें नष्ट हो गई हैं। प्रमुख शहरों के लोगों को अपने घरों को छोड़ना पड़ा है।

मोरक्को के भू-भौतिकी केंद्र ने कहा कि भूकंप हाई एटलस के इघिल क्षेत्र में आया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.2 थी। अमेरिकी भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 6.8 बताई है। उसने कहा है कि यह 18.5 किलोमीटर (11.5 मील) की अपेक्षाकृत उथली गहराई पर था।

भूकंप का एपिसेंटर एटलस पर्वत के पास इघिल नाम का गांव बताया जा रहा है, जो माराकेश शहर से 70 किलोमीटर की दूरी पर है। भूकंप की गहराई जमीन से 18.5 किलोमीटर नीचे थी। पुर्तगाल और अल्जीरिया तक भूकंप के झटके महसूस किए गए।
मीडिया रिपोर्ट्स में मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय के हवाले से कहा गया है कि अब तक 632 लोगों की मौत हो चुकी है और घायलों की संख्या बढ़कर 329 हो गई। मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है। एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि ज्यादातर मौतें पहाड़ी इलाकों में हुई हैं, जहां तत्काल पहुंचना मुश्किल था।
रिपोर्ट्स में भूकंप के केंद्र के करीबी बड़े शहर मराकेश के लोगों के हवाले से कहा गया है कि पुराने शहर में कुछ इमारतें ऐसी ढह गई हैं, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल हैं। एक स्थानीय टेलीविजन ने गिरी हुई मस्जिद की मीनार और क्षतिग्रस्त कारों पर पड़े मलबे के फुटेज दिखाए हैं।
आंतरिक मंत्रालय ने मृतकों की संख्या पर टेलीविजन पर प्रसारित अपने बयान में लोगों से शांति बनाए रखने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने कहा है कि भूकंप ने अल हौज, उआरजाजेट, मराकेश, अजीलाल, चिचौआ और तारौदंत प्रांतों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।
भूकंप के केंद्र के पास असनी के पहाड़ी गांव के मोंटासिर इतरी ने बताया कि हमारे गांव के अधिकांश घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पड़ोसी मलबे में दबे हैं। ग्रामीण अपने संसाधनों से उन्हें बचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।
पास के गांव में रहने वाले शिक्षक हामिद अफकार ने कहा कि धरती लगभग 20 सेकंड तक हिलती रही। वह घर की दूसरी मंजिल से नीचे की ओर भागे।दरवाजे अपने आप खुल रहे थे और बंद हो रहे थे।
इंसेट
जाने भूकंप कैसे आता है?
हमारी धरती की सतह मुख्य तौर पर 7 बड़ी और कई छोटी-छोटी टेक्टोनिक प्लेट्स से मिलकर बनी है। ये प्लेट्स लगातार तैरती रहती हैं और कई बार आपस में टकरा जाती हैं। टकराने से कई बार प्लेट्स के कोने मुड़ जाते हैं और ज्यादा दबाव पड़ने पर ये प्लेट्स टूटने लगती हैं। ऐसे में नीचे से निकली ऊर्जा बाहर की ओर निकलने का रास्ता खोजती है और इस डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।




