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चंडीगढ़। पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में बुधवार सुबह हुई फायरिंग में सेना के 4 जवानों की मौत हो गई। सेना ने कहा कि फायरिंग सुबह 4:35 बजे हुई। 4 मौतों के अलावा जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ है। पुलिस और सेना की टीमें मिलकर इसकी जांच कर रही हैं।

पुलिस की शुरूआती जांच में पता चला कि जवानों को इंसास राइफल से गोलियां मारी गई हैं। पुलिस अधीक्षक (जांच) अजय गांधी ने कहा कि पुलिस और भारतीय सेना संयुक्त रूप से घटना की जांच कर रही है और जांच अभी भी जारी है। 

घटनास्थल से एक इंसास राइफल के 19 खाली खोल बरामद किए गए हैं, जब हमलावरों ने सैन्य बैरक के अंदर गोलियां चलाईं तो सभी सो रहे थे। उन्होंने बताया कि मरने वालों के नाम सागर बन्ने, कमलेश आर, योगेश कुमार जे, संतोष कुमार नागराल शामिल हैं। इनमें 2 जवान कर्नाटक और 2 तमिलनाडु के हैं। इनकी उम्र 24 से 25 साल की उम्र है। इनकी नौकरी को अभी 3-3 साल ही हुए हैं।

उन्होंने इन खबरों पर भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि घटना में दो दिन पहले गायब हुई एक इंसास राइफल और गोला बारूद का इस्तेमाल किया गया है।

इससे पहले बुधवार को ही दक्षिण पश्चिमी कमान मुख्यालय ने एक बयान में कहा था कि यह पता चला है कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, एक तोपखाना इकाई के सेना के चार जवानों ने घटना के दौरान गोली लगने से दम तोड़ दिया।

बयान में कहा गया है, किसी और सैन्य कर्मियों के घायल होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। क्षेत्र को सील किया गया है और तथ्यों को स्थापित करने के लिए पंजाब पुलिस के साथ एक संयुक्त जांच चल रही है।

इसमें कहा गया है कि इंसास राइफल के संभावित इस्तेमाल और दो दिन पहले लापता हुए 28 राउंड गोला बारूद सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

बठिंडा छावनी, जिसमें देश का सबसे बड़ा गोला-बारूद डिपो है, चंडीगढ़-फाजिल्का खंड पर राष्ट्रीय राजमार्ग-7 के साथ स्थित है। यह रास्ता आगे राजस्थान की ओर जाता है।


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