img

सुलतानपुर। गोरखपुर के मोस्ट वांटेड और एक लाख का इनामी गैंगस्टर विनोद उपाध्याय एसटीएफ के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। विनोद 2007 में विनोद उपाध्याय ने गोरखपुर से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, वह चुनाव हार गया था।

पुलिस अधीक्षक की ओर से शुक्रवार को मुठभेड़ में मारे गए इनामी बदमाश के बारे में जानकारी दी गई। बताया गया कि पुलिस को जनपद में एक लाख के इनामी बदमाश के होने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीमें उसकी धरपकड़ में जुट गई।

 थाना महाराजगंज, अयोध्या व एसटीएफ के मध्य थाना कोतवाली देहात क्षेत्र में बीती रात इनामी बदमाश विनोद उपाध्याय पुत्र रामकुमार उपाध्याय निवासी मायाबाजार थाना महाराजगंज को घेर लिया। पुलिस टीमों को देख बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में इनामी बदमाश गोली लगने से घायल हो गया। इलाज हेतु सदर अस्पताल सुलतानपुर लाया गया, जहां डाक्टरों द्वारा इलाज के बाद आरोपित विनोद को मृत घोषित कर दिया गया। मारा गया बदमाश विनोद उपाध्याय जनपद गोरखपुर के थाना गुलरिहा से एक लाख का इनामी था।

विनोद के पास से STF ने चाइनीज पिस्टल-30 बोर, स्टेन गन 9 एमएम फैक्ट्री मेड, जिंदा कारतूस और स्विफ्ट कार बरामद की है। योगी सरकार ने 68 वांटेड माफियाओं की लिस्ट जारी की थी, उसमें टॉप-10 में विनोद उपाध्याय का नाम भी था। विनोद का मुख्य काम रंगदारी मांगना, जमीन कब्जा करना, ठेकेदारी और सूद पर पैसा देना था।

पुलिस के अनुसार मुठभेड़ में मारे गए आरोपित के ऊपर कुल 35 मुकदमें विभिन्न जनपदों के भिन्न-भिन्न थानों में पंजीकृत हैं। इनमें हत्या व हत्या के प्रयास समेत कई जघन्य अपराध से सम्बंधित मुकदमें भी हैं। शव को पोस्टमार्टम भेजते हुए अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।

 


Read More: लखनऊ के गोमती नगर में निर्माणाधीन इमारत गिरी, मजदूर दबे, एक की मौत