सहारनपुर। साल 2014 के हुए लोकसभा चुनाव में प्रचार प्रसार के दौरान देवबंद क्षेत्र के लबकरी गांव में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा था कि गुजरात में चार प्रतिशत मुसलमान हैं और सहारनपुर में 42 प्रतिशत हैं, नरेंद्र मोदी यहां आए तो बोटी-बोटी कर दी जाएगी।
इस मामले में सरकारी अधिवक्ता ने बताया कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के इस बयान पर अदालत ने आरोप तय किया है। इस मामले में विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए मोहित शर्मा की अदालत में 19 ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। इसके पश्चात अदालत ने आरोप तय किया। बता दें कि अगर इमरान मसूद को दो साल या उससे ज्यादा की सजा होती है। तो उनकी संसद सदस्यता जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री पद के दावेदार रहे नरेंद्र मोदी के बारे में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने विवादित बयान दिया था। तब इमरान मसूद कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे थे। इसके साथ ही उन्होंने बसपा के दो विधायकों के बारे में भी अमर्यादित टिप्पणी की थी।
इस मामले में 27 मार्च 2014 को तत्कालीन कोतवाली देवबंद प्रभारी कुसुमवीर सिंह ने आचार संहिता उल्लंघन, माहौल खराब करने की कोशिश, अनुसूचित जाति के विधायकों के बारे जातिसूचक शब्द कहने के आरोप में सांसद इमरान मसूद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में इमरान मसूद को जेल भी जाना पड़ा था।
यह प्रकरण उन दिनों सुर्खियों में रहा था। इसको लेकर देशभर की राजनीति गरमा गई थी। पूरे भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। सरकार की तरफ से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक गुलाब सिंह कर रहे हैं। अब मामला विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए की अदालत में चल रहा है।
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