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आगरा। टोरेंट बिजली कंपनी के अधिकारी से मारपीट एवं बलवा करने के मामले में भाजपा (BJP) सांसद रामशंकर कठेरिया को जिला अदालत ने बड़ी राहत दे दी है। अदालत ने कठेरिया की दो साल की सजा को निलंबित कर दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 11 सितंबर दी गई है। बता दें कि एमपी/एमएलए कोर्ट ने राम शंकर कठेरिया को दो साल की सजा सुनाई थी।

मामला हरीपर्वत थाना क्षेत्र के साकेत माल का है। यहां स्थित टोरेंट के सतर्कता कार्यालय (विद्युत चोरी निवारण कार्यालय) पर 16 नवंबर 2011 को पूर्व एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष एवं वर्तमान में इटावा से भाजपा सांसद राम शंकर कठेरिया पहुंचे। उनके साथ करीब 10-15 समर्थक थे। 

यहां पर मैनेजर भावेश रसिकलाल शाह बिजली चोरी से सम्बंधित मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण कर रहे थे। इसी दौरान सांसद रामशंकर कठेरिया के साथ आए समर्थकों नें भावेश रसिकलाल शाह के कार्यालय में घुसकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। इससें उन्हें काफी चोटें आईं। 

भावेश की तहरीर पर सांसद एवं उनके अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध धारा 147 एवं 323 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में हरीपर्वत थाना पुलिस ने सांसद के विरुद्ध आरोपपत्र अदालत में प्रेषित किया। मामले में गवाही एवं बहस के बाद शनिवार को फैसला सुनाया गया।
मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने सुनवाई के दौरान  पुलिस के आरोप पत्र, अधिवक्ता द्वारा पेश किए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने इटावा से सांसद रामशंकर कठेरिया को धारा 147, 323 के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने सांसद को दो वर्ष करावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 50 हजार का जुर्माना लगाया था।


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