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मुंबई/नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने नीतिगत दर में लगातार तीसरी बार कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने रेपो रेट को 6.50 फीसदी पर बरकरार रखा है। 

रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा बैठक के बाद इसका ऐलान किया। आरबीआई के इस फैसले से उन लोगों को काफी राहत होगी जिनको  लोन महंगा होने और ईएमआई बढ़ने का का डर सता रहा था

PM Modi launches 2 RBI schemes. All about the central bank initiatives -  Hindustan Times

शक्तिकांत दास ने गुरुवार को यहां प्रेस को संबोधित करते हुए बताया कि 8 से 10 अगस्त तक चली एमपीसी की बैठक में सभी छह सदस्यों ने फिर से रेपो रेट को स्थिर रखने का फैसला लिया है। दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) दर 6.50 फीसदी और वित्त वर्ष 2024-25 में रियल जीडीपी दर 6.60 फीसदी तक रह सकती है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था उचित गति से बढ़ती रही है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है, जो वैश्विक विकास में लगभग 15 फीसदी का योगदान दे रही है। शक्तिकांत दास ने कहा कि रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए महंगाई दर का अनुमान बढ़ाकर 5.4 फीसदी कर दिया गया है जो कि पिछली बार 5.1 फीसदी पर रखा गया था।

शक्तिकांत दास ने कहा कि एमपीसी महंगाई दर पर नजर रखेगी। उन्होंने ये भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने महंगाई को काबू करने की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की, हालांकि खाद्य महंगाई दर चिंता का विषय बनी हुई है। आरबीआई ने पिछले साल मई से लेकर फरवरी तक रेपो रेट में छह बार में 2.50 फीसदी तक का इजाफा किया था, लेकिन अप्रैल और जून के बाद लगातार तीसरी बार रेपो रेट को यथावत 6.50 फीसदी पर स्थिर रखा है।


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