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नई दिल्ली। हरियाणा के नूंह में हिंसा के बाद शुक्रवार को प्रशासन ने तावडू इलाके में 200 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया। ये कंस्ट्रक्शन अवैध था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि यहां बांग्लादेशी रोहिंग्या अवैध तरीके से रह रहे थे और हिंसा में शामिल थे। कई युवकों का नाम FIR में दर्ज है।

हरियाणा सरकार ने गुरुवार देर रात हिंसा प्रभावित नूंह जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) वरुण सिंघला का ट्रांसफर कर दिया। वह हिंसा के दिन छुट्‌टी पर थे। उन्हें अब भिवानी जिले का चार्ज दिया गया है।

उनकी जगह पर SP नरेंद्र बिजारणिया को नूंह का जिम्मा दिया गया है। बिजारणिया पहले भिवानी के SP थे और साथ में ADG (लॉ एंड ऑर्डर) के OSD की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

पुलिस को अभी तक जांच में ये पता लगा है कि हिंसा एक योजना के तहत हुई थी. अधिकतर गिरफ्तार आरोपियों की उम्र 19 से 25 साल बताई गई. गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे भीड़ का हिस्सा बनकर अवैध हथियारों से फायरिंग कर रहे थे. इसके साथ ईंट, पत्थर, लाठी और डंडों से हमला किया था. पुलिस को पता चला है कि आरोपी मेवात की पहाड़ियों में, राजस्थान के जयपुर-उदयपुर, उत्तर प्रदेश के मेरठ-आगरा-अलीगढ़ में छिप गए हैं.

 


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