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नई दिल्ली। Mission Moon News: अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत इतिहास रचने के करीब है। चंद्रयान-3 आज शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रमा के साउथ पोल कर लैंड करेगा। इसे 14 जुलाई को 3 बजकर 35 मिनट पर आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया गया था। लैंडिंग होते ही यह 41 दिन में 3.84 लाख किमी का सफर तय कर नया इतिहास लिखेगा।

लैंडर के चांद पर उतरते ही रैंप खुलेगा और प्रज्ञान रोवर इससे चांद की सतह पर आएगा। विक्रम लैंडर और प्रज्ञान एक-दूसरे की फोटो खीचेंगे और पृथ्वी पर सेंड करेंगे। अगर भारत इस मिशन में सफल रहा तो चांद के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश होगा।

चंद्रयान मिशन अब तक कहां पहुंचा, जानिए क्या है लेटेस्ट अपडेट्स |  Chandrayaan-3 Moon Mission Current Location How Far Chandrayaan From Earth  | TV9 Bharatvarsh

चंद्रयान की सफल लैंडिग के लिए देशभर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का चंद्रयान-3 इतिहास रचने की दहलीज पर है। भारत के इस मिशन पर दुनिया की आंखें टिक गई हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान ने नया वीडियो साझा कर उत्सुकता बढ़ा दी है। इसरो ने कहा मिशन तय समय पर है। वह आज शाम चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा।

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चंद्रयान-3 की कामयाबी के लिए देशभर में 24 घंटे से पूजा-अर्चना और प्रार्थना की जा रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के ईस्ट ऑफ कैलाश के संत नगर स्थित आर्य समाज मंदिर में विशाल यज्ञ शुरू हो गया है। इसका आयोजन विश्व हिंदू परिषद और आर्य समाज ने संयुक्त रूप से किया है। मध्य प्रदेश में सीहोर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में आज सुबह हजारों लोगों ने पूजाकर प्रार्थना की है।

ओडिशा के पुरी में समुद्र तट पर सुदर्शन सैंड आर्ट इंस्टीट्यूट के छात्रों ने चंद्रयान-3 की रेत से कलाकृति बनाकर इसकी सफलता की कामना की है। चेन्नई के एवरविन स्कूल के बच्चों ने चंद्रयान-3 की प्री-सॉफ्ट लैंडिंग की आकृति बनाकर खुशी जताई है।

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने संगम तट पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की कामना करते हुए रेत से आकृति बनाई बनाकर मां गंगा से प्रार्थना की है। गुजरात के अहमदाबाद में भारतीय तिरंगे के रंग में रंगे एक शख्स ने चंद्रयान-3 की लैंडिंग से पहले अटल ब्रिज के पास झंडा लहराया। लखनऊ के श्री मनकामेश्वर मंदिर में पूजा और हवन किया गया है। वाराणसी के अस्सी घाट पर चंद्रयान लिखी आकृति में मिट्टी के दीप प्रज्ज्वलित कर मां गंगा से प्रार्थना की गई।


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